लोकसभा चुनाव के नतीजों पर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की निगाहें भी टिकी हैं। एग्जिट पोल में भाजपा की वापसी के अनुमान और खासतौर पर नरेंद्र मोदी को लेकर पाकिस्तानी मीडिया में उत्सुकता बढ़ गई है। पाकिस्तान के अखबार डॉन के एक संपादकीय लेख में कहा गया है कि अगर एग्जिट पोल पर यकीन करें तो मोदी पांच साल के दूसरे कार्यकाल की तरफ आगे बढ़ रहे हैं और वह हिंदू राष्ट्रवाद और आक्रामक राष्ट्रीय सुरक्षा के बलबूते पूर्ण बहुमत हासिल कर सकते हैं।
डॉन में आगे लिखा गया है, 'मोदी की सत्ता में वापसी उनकी पाकिस्तान के प्रति बदले वाली नीति की वापसी होगी। प्रधानमंत्री इमरान खान ने मोदी के नेतृत्व में दक्षिणपंथी सरकार में पाकिस्तान के साथ संबंध सुधरने की उम्मीद जताई थी, जिसे लेकर विश्लेषक बहुत आश्वस्त नहीं हैं।
बड़ा सवाल उठता है कि क्या मोदी अपने दूसरे कार्यकाल में अपनी कथित आक्रामक बचाव की नीति बदलेंगे या नहीं?’ ‘इफ मोदी रिटर्न्स’लेख में जाहिद हुसैन ने लिखा, ‘मोदी, वाजपेयी नहीं हैं और उन दोनों की तुलना करना बहुत बड़ी गलती होगी। मोदी समस्याओं का समाधान बातचीत की बजाय शक्ति का इस्तेमाल करके निकालना चाहते हैं। इमरान खान के शांति संदेश का क्या मोदी सकारात्मक जवाब देंगे?
अनुच्छेद 370 की भी चर्चा
पाकिस्तानी मीडिया में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की भी चर्चा है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, ऐसा कोई संकेत नहीं है कि मोदी कश्मीर के मुद्दे पर अपनी रणनीति बदलेंगे। इससे कश्मीर में हिंसा की घटनाएं बढ़ सकती हैं। सीधा असर नई दिल्ली व इस्लामाबाद के रिश्तों पर पड़ेगा। ‘द न्यूज इंटरनेशनल’ के मुताबिक, भाजपा व मोदी ने संघ से पाक के विरोध वाले रास्ते पर चलने का वादा किया है।