भोजपुरी सितारों को पूर्वांचल के चुनावी रण में उतारकर भाजपा ने वोटरों के दिल में सीधे उतरने का जो फॉर्मूला अपनाया, उससे इस इलाके में करीब दर्जन भर सीटों पर दबदबा बना लिया। एग्जिट पोल व तमाम पूर्वानुमानों के मुताबिक वोटर भोजपुरी तरानों पर जमकर थिरके हैं। देश की राजनीति और संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान बनाने की भोजपुरी की छटपटाहट लंबे समय से थी और भाजपा ने इसी दुखती रग पर हाथ रखकर पूर्वांचल के मतदाताओं की साधने की कवायद की।
यूपी के पूर्वांचल व बिहार में भोजपुरी गानों का बोलबाला तो राजनीति में वर्षों से था, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ कि एक पार्टी ने भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के मनोज तिवारी, रवि किशन और दिनेश लाल यादव निरहुआ जैसे धाकड़ सितारों को एक साथ चुनावी मैदान में उतारा होगा।
इन सबके बीच भोजपुरी सिनेमा की सनसनी पवन सिंह को स्टार कैंपेनर बना दिया। भाजपा ने इसकी तैयारी दिग्गज गायक और अभिनेता मनोज तिवारी को पार्टी में शामिल करने और उसके फायदे से उत्साहित भाजपा के थिंक टैंक ने इस बेल्ट को साधने के लिए भोजपुरी स्टारों की फौज खड़ी कर दी।