12 मार्च 1962 में जन्मे दामोदरन ने ग्रामालय नाम से एक संस्था शुरू की और 1980 से लेकर 2014 के स्वच्छ भारत मिशन तक सभी सरकारी कार्यक्रमों वह शामिल रहे। दामोदरन ने नौ प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया। उनकी संस्था ग्रामालय ने ही खुले में शौच मुक्त गांव की अवधारणा का प्रयोग सबसे पहले तिरुचिरापल्ली जिले के थंडावमपट्टी गांव में किया था। यह भारत का पहला खुले में शौच मुक्त गांव था। दामोदरन ने 60 हजार स्मार्ट टॉयलेट का डिजाइन भी तैयार किया।
माटी पुत्र होने का दावा त्रिचि को मॉडल सिटी बनाने का वादा
माटी पुत्र होने का दावा करने वाले दामोदरन ने वादा किया है कि अगर चुनाव जीते तो तिरुचिरापल्ली और पुडुकोटाई को मॉडल सिटी बनाएंगे। त्रिची को एक स्वच्छ और हरा-भरा शहर बनाने के लिए काम करने की जरूरत है। सरकारों के साथ काम करने का पुराना अनुभव इसमें काम आएगा।