राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे।
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लोकसभा चुनाव 2024 का प्रचार अभियान अपने जोरों पर है। सात में से अब तक चार चरणों की वोटिंग पूरी हो गई है। भाजपा-कांग्रेस समेत सभी क्षेत्रीय दलों का अब पूरा फोकस बचे हुए तीन चरणों की 163 सीटों पर है। भाजपा का दावा है कि वह तीसरी बार सत्ता में लौटने जा रही है। जबकि कांग्रेस भी पूरी ताकत के साथ ज्यादा से ज्यादा सीटें हासिल करने में जुटी हुई नजर आ रही है। कांग्रेस जीत की संभावना वाली सीटों पर बारीकी से नजर रख रही है। इसमें पार्टी का वॉर रूम अहम भूमिका निभा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के रोज की रैली-सभा, रोड शो के कार्यक्रम भी यहीं से तय किए जा रहे हैं। इसके अलावा वॉर रूम पर अन्य कांग्रेस नेताओं की रैलियां, प्रेस कांफ्रेंस, अखबारों की सुर्खियों, डिजिटल प्रचार-प्रसार, सोशल मीडिया और सर्वे जैसे पार्टी के तमाम कामों का भी जिम्मा है।
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी का सबसे ज्यादा फोकस 135 लोकसभा सीटों है। इन सभी सीटों पर पार्टी ने अपने पूरे संसाधन भी झोंक रखे हैं। दरअसल, 326 लोकसभा सीटों में 135 ऐसी सीटें हैं, जो 'ए श्रेणी' में रखी गई हैं। इन सीटों पर पार्टी को अपनी जीत की राह आसान लग रही है। इन सभी सीटों पर जातिगत समीकरण, उम्मीदवार, आरक्षण और संविधान जैसे मुद्दे प्रभावी साबित हो रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के वॉर रूम की एक टीम लगातार इन सभी सीटों पर सर्वे कर रही है। वे इन सीटों का हर अपडेट कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के अलावा उम्मीदवारों को भी साझा कर रही है। ताकि समय-समय पर चुनावी रणनीति में बदलाव भी किया जा सके। पार्टी ने वॉर रूम को दो अहम हिस्सों में बांट रखा है। एक टीम है जो सोशल मीडिया का काम संभालती है। यह टीम सोशल मीडिया पर कांग्रेस पार्टी के प्रचार के साथ ही उनका समर्थन करने वाले लोगों के कंटेंट को वायरल करती है। इसके अलावा सोशल मीडिया के जरिए आ रहे फीडबैक को लेकर एक रिपोर्ट तैयार करती है। जबकि दूसरी टीम अखबारों में छपी हुई खबरों की जानकारी इकट्ठा करके उसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करती है। इसके अलावा ए श्रेणी की सीटों वाली की अलग से विस्तृत रिपोर्ट बनाई जाती है।
ये वॉर रूम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी या फिर सचिन पायलट की रैली की मांग करने वाले उम्मीदवारों की जानकारी पार्टी नेतृत्व को देता है। कांग्रेस की सर्वे रिपोर्ट में उस सीट और उम्मीदवार की क्या रिपोर्ट आई है। इसे देखने के बाद ही शीर्ष नेताओं का कार्यक्रम तय किया जाता है। इसमें सबसे अहम बात ये है कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के जो भी चुनावी कार्यक्रम तय किए जा रहे हैं। इसमें इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि वो सीटें कांग्रेस या इंडिया गठबंधन जीते, जिससे बाद में इस हमले से बचा जा सके कि गांधी परिवार ने जिन सीटों पर प्रचार किया, उन पर भी हार का सामना करना पड़ा।
जबकि वॉर रूम की अन्य टीम देश भर में कांग्रेसी नेताओं की प्रेस वार्ता आयोजित करने का काम कर रही है। किन नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस कहा होनी है? किस मुद्दे पर किस नेता को कहां भेजना है? इसकी प्लानिंग भी ये टीम ही करती है। चुनाव के शुरुआत में इस वॉर रूम की जिम्मेदारी तमिलनाडु के नेता सेंथिल के पास थी। लेकिन सेंथिल के लोकसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद नेताओं का एक ग्रुप यह काम देख रहा है।