चांदनी चौक सीट से कांग्रेस प्रत्याशी जेपी अग्रवाल के चुनाव एजेंट मुदित अग्रवाल ने चुनाव प्रचार के दौरान ही इस मामले की जानकारी पार्टी के नेताओं दीपक बाबरिया, जयराम रमेश, पवन खेड़ा और चतर सिंह सहित अन्य नेताओं को दी थी। पार्टी नेताओं ने उन्हें चुनाव को देखते हुए इस मामले पर आपसी सहमति से काम लेने और चुप रहने की सलाह दी थी।
लेकिन मतदान होने के बाद ही हरिशंकर गुप्ता को पार्टी नेता पवन खेड़ा ने हिमाचल प्रदेश में एक लोकसभा क्षेत्र का प्रभारी बना दिया। इसके बाद कांग्रेस नेता मुदित अग्रवाल का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने ट्वीट कर पवन खेड़ा से कहा कि वे कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने वाले विधायक पर कार्रवाई करें, उन्हें धोखाधड़ी करने का इनाम न दें।
इसके बाद मुदित अग्रवाल और हरिशंकर गुप्ता के बीच ट्विटर पर युद्ध छिड़ गया। मुदित अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि हरिशंकर गुप्ता के समर्थकों ने उनकी बहन के साथ अभद्रता की है। वे उनके खिलाफ चुनाव प्रचार करने को बर्दाश्त कर सकते हैं, लेकिन उनकी बहन के साथ हुई अभद्रता को वे कतई स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने पार्टी नेताओं से इस मामले पर शीघ्र कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।
वहीं, हरिशंकर गुप्ता ने भी ट्वीट कर इस मामले पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने इस पूरे मामले पर दुख जताया है। उन्होंने कहा है कि उक्त महिला के साथ चुनाव प्रचार के दौरा्न कार्यकर्ताओं के साथ कुछ कहासुनी हुई थी। इसे उन्होंने एक सामान्य बात बताते हुए कहा है कि इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है।
कड़ी चुनौती दे रहे हैं जेपी अग्रवाल
कांग्रेस को आम आदमी पार्टी के साथ हुए समझौते में दिल्ली में तीन सीटों पर चुनाव लड़ने का अवसर मिला था। इसमें चांदनी चौक सीट कांग्रेस के लिहाज से सबसे मजबूत बताई जा रही थी। चांदनी चौक से कांग्रेस प्रत्याशी जेपी अग्रवाल पहले भी इस सीट से सांसद चुने जा चुके हैं। वे यहीं पर जन्मे थे और उनके स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पिता यहीं रहकर अपनी आंदोलन की गतिविधियां संचालित किया करते थे।
यही कारण है कि जेपी अग्रवाल को इस क्षेत्र में बहुत सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। उनका बहुत मृदु व्यवहार और मिलनसारिता भी व्यापारियों के बीच उनकी पहुंच को मजबूत बनाती है। माना जा रहा था कि वे भाजपा प्रत्याशी प्रवीण खंडेलवाल को कड़ी टक्कर दे रहे थे। लेकिन जिस तरह कांग्रेस के एक पूर्व विधायक हरिशंकर गुप्ता ने कथित तौर पर जेपी अग्रवाल को चुनाव में साथ नहीं दिया है, चुनाव परिणाम कुछ भी हो सकता है।