देखिए, बात साफ है... अगर कांग्रेस आधा दर्जन सीट गई तो कांग्रेस और प्रियंका गांधी की इज्जत बच जाएगी। कदाचित केवल अमेठी, रायबरेली ही हिस्से में आई तो प्रियंका भी फेल। लाल चंदन, गले में भगवा गमछा और यह राय थी अनिरुद्ध तिवारी की। अनिरुद्ध तिवारी ने एक तर्क और दिया।
उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने कुछ किया हो या न किया हो, घर में दुबक कर बैठे कांग्रेसियों को तो सड़क पर उतार ही दिया। तिवारी के इस मत से लगभग सबने सहमति जताई। पूरी चर्चा का सार यह रहा है कि छह सीट पाने पर प्रियंका गांधी और कांग्रेस सफल, आठ सीट आने पर अच्छे नंबर से पास और कदाचित दस या इससे अधिक सीट आई(असंभव है) तो प्रियंका गांधी ने टॉप कर दिया।