हिंदी पट्टी में पुराना प्रदर्शन दुहराने के लिए पार्टी ने इससे संबंधित राज्यों में माहौल बनाया कि चुनाव केंद्र में प्रधानमंत्री चुनने के लिए है। फिर बड़ी संख्या में टिकट काट कर सत्ता विरोधी भावना को खत्म किया। इस कड़ी में पार्टी ने 68 सीटों (छत्तीसगढ़10, यूपी 21, राजस्थान 6, बिहार 8, मध्यप्रदेश 12, झारखंड 3 और हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली के 2-2 ) पर नए चेहरों को आजमाया। इसके बाद चुनाव प्रचार की गाड़ी में राष्ट्ररवाद का ईंधन भर कर पुरानी सफलता दोहरा ली।
| राज्य |
2014 |
2019 |
| उत्तर प्रदेश |
73 |
62 |
| बिहार |
31 |
39 |
| झारखंड |
12 |
12 |
| उत्तराखंड |
05 |
05 |
| मध्यप्रदेश |
27 |
28 |
| छत्तीसगढ़ |
10 |
09 |
| राजस्थान |
25 |
25 |
| दिल्ली |
07 |
07 |
| हरियाणा |
07 |
10 |
| चंडीगढ़ |
01 |
01 |
| हिमाचल प्रदेश |
04 |
04 |
| कुल |
202 |
202 |