कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी के बेटे और कन्नड़ फिल्मों के मशहूर अभिनेता निखिल कुमारस्वामी ने राजनीति में आने के संकेत दिए हैं। वह मांड्या सीट से आने वाला लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं। निखिल ने गुरुवार को कहा कि वह मांड्या के लोगों की सेवा करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वह मांड्या से चुनाव लड़ने या नहीं लड़ने पर पार्टी के फैसले का पालन करेंगे। निखिल राजनीति में देवगौड़ा परिवार की तीसरी पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं और जिस मांड्या से उनके चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं वह जनता दल सेक्यूलर (जद-एस) के समर्थक माने जाने वाले वोक्कालिगा समुदाय का गढ़ है।
'मांड्या के लोगों की सेवा के लिए तैयार हूं'
निखिल ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं और विधायकों से चर्चा के बाद एक फैसला किया है। सबसे अहम है कि मांड्या के लोगों की भावनाएं समझकर पार्टी मुझे टिकट देने के लिए आगे आई है। इसलिए मैं मांड्या के लोगों की सेवा के लिए तैयार हूं। कांग्रेस और जद(एस) ने मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है। वे सीट साझेदारी समझौते को जल्द ही अंतिम रूप देने वाले हैं। उम्मीदवारों की सूची अभी सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन सूत्रों के मुताबिक जद(एस) निखिल को अपना उम्मीदवार बनाने वाली है।
अभी जद(एस) के एल. आर. शिवरामी गौड़ा मांड्या सीट से सांसद हैं। उन्होंने पिछले साल उप-चुनाव में जीत हासिल की थी। बहरहाल, कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन को दिवंगत अभिनेता-नेता अंबरीश की पत्नी सुमलता से चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को कह दिया है कि वह मांड्या से चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने यह संकेत भी दिए हैं कि यदि उन्हें टिकट नहीं दिया गया तो वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ सकती हैं। अंबरीश राजनीति में शुरू से कांग्रेस से जुड़े हुए थे। भाजपा ने मांड्या सीट पर अपने उम्मीदवार के बारे में अभी तक कोई संकेत नहीं दिए हैं। लेकिन ऐसी अटकलें हैं कि यदि कांग्रेस- जद(एस) गठबंधन ने सुमलता को टिकट नहीं दिया तो भाजपा उन्हें अपना समर्थन दे सकती है।