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कांग्रेस-तृणमूल गठबंधन पार्टी के हित में नहीं, राहुल भी सहमत: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Sun, 10 Feb 2019 03:06 PM IST
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राहुल गांधी - फोटो : Twitter Congress @INCIndia

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस तृणमूल-कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगी। पार्टी आलाकमान भी इसपर अपनी सहमति जता चुके हैं। राज्य के पार्टी अध्यक्ष सोमेन मित्रा ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने शनिवार को कहा कि पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इसपर अपनी सहमति जताई है। उन्होंने चुनावी रणनीति तय करना भी प्रदेश कांग्रेस पर ही छोड़ दिया है।



बात दें आगामी लोकसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने को लेकर शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस की बैठक हुई है। इस बैठक में पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान व राज्य के अन्य वरिष्ठ पार्टी नेता भी मौजूद थे। बैठक के दौरान राहुल ने सभी राज्यों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। उन्होंने मित्रा और मन्नान से भी आगामी लोकसभा चुनावों की रणनीति पर बातचीत की। 


मित्रा ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी के सामने ये बात रखी है कि राज्य में तृणमूल पार्टी को हर संभव नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है और अगर आगे चलकर कांग्रेस-तृणमूल का गठबंधन होता है तो ये पार्टी के हित में नहीं होगा। कांग्रेस अध्यक्ष ने उनकी बात सुनकर आश्वासन दिया की राज्य में पार्टी तृणमूल के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी। 


मित्रा ने कहा, "हमारी पार्टी के अध्यक्ष हमारे विचारों से सहमत हैं कि राज्य में टीएमसी के साथ गठबंधन पार्टी के लिए खतरा बन सकता है क्योंकि टीएमसी की वजह से ही भाजपा राज्य में मजबूत बन रही है। राहुलजी ने हमें रणनीति तैयार करने को कहा है और उन्होंने कहा है कि वह हमसे सहमत होंगे।" वहीं अन्य दलों के साथ गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर मित्रा ने कहा कि वह इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। इस मामले पर चर्चा करने के बाद ही जानकारी साझा की जाएगी। 


पार्टी के अधिकतर नेता राज्य में टीएमसी के साथ गठबंधन करने के खिलाफ हैं। उनका ये मनना है कि 2011 में सत्ता में आने के बाद से ही टीएमसी ने कांग्रेस को कमजोर करने का काम किया है। 


इस बैठक में मोदी सरकार को घेरने के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जिनमें बेरोजगारी और कृषि संकट आदि शामिल हैं।

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