रिपोर्ट के मुताबिक 2019 के लोकसभा चुनावों में उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 4.14 करोड़ है। इनमें से बिहार, पाटलीपुत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे रमेश कुमार शर्मा की कुल संपत्ति 1107 करोड़ रुपये से ज्यादा है। जबकि तेलंगाना के चेवेला से तेलंगाना की चेवेला लोकसभा सीट से कांग्रेस ने कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी को टिकट दिया है। रेड्डी ने अपनी सम्पत्ति 895 करोड़ से ज्यादा बताई है। वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुत्र और एमपी के छिंदवाड़ा से किस्मत आजमा रहे नकुलनाथ ने जो कुल संपत्ति का जो ब्यौरा चुनाव आयोग को सौंपा है, उसके मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 660 करोड़ से ज्यादा है।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स (एडीआर) के संस्थापक और आईआईएम, अहमदाबाद में प्रोफेसर रह चुके जगदीप छोकर के मुताबिक करोड़पति राज्यों में उत्तरपूर्व टॉप पर है। सबसे ज्यादा करोड़पति उम्मीदवार 83 प्रतिशत अरुणाचल प्रदेश से हैं, उसके बाद 78 प्रतिशत मेघालय से और 67 प्रतिशत मिजोरम से हैं। वहीं सबसे कम करोड़पति उम्मीदवार तेलंगाना में 18 प्रतिशत हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा के 433 उम्मीदवारों में से 361 (83 प्रतिशत) करोड़पति हैं। वहीं कांग्रेस ने 419 में से 348 (83 प्रतिशत), बसपा ने 381 में से 127 (33 प्रतिशत) और एनसीपी ने 34 में से 20 (59 प्रतिशत) करोड़पतियों और सीपीआई (एम) ने 69 में से 25 (36 प्रतिशत) कुबेरपतियों को चुनाव मैदान में उतारा है।
वहीं भाजपा के 433 उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 13.37 करोड़ रुपये, कांग्रेस के 419 उम्मीदवारों की 19.92 करोड़ रुपये, बसपा के 381 उम्मीदवारों का संपत्ति औसत 3.86 करोड़ रुपये, सीपीआई(एम) के 69 उम्मीदवारों का औसत 1.28 करोड़ और 3370 निर्दलीयों की औसतन संपत्ति 1.25 करोड़ रुपये है।