भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने भी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयाब के सह-संस्थापक और मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को 'जी' बोला था।
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दिग्विजय ही नहीं, रविशंकर प्रसाद भी तो हाफिज को बोल चुके हैं ये बात!
दरअसल, छह साल पहले जब दिग्विजय सिंह ने हाफिज को 'साहब' कहा था तो उस वक्त भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन का कहना था कि वे हाफिज को 'श्री' और 'श्रद्धेय' भी बोल सकते हैं। वैसे तो भारतीय राजनीति में जुबान फिसलने की परंपरा काफी पुरानी है और अमूमन हर पार्टी के नेताओं की जुंबा बचते-बचते फिसल ही जाती है और शब्द अपना अर्थ खो देते हैं। एक साल पहले की बात है भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने भी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयाब के सह-संस्थापक और मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को 'जी' बोला था।
नेताओं की 'जी' और हांजी....
दिग्विजय सिंह अमेरिका को दहलाने वाले आतंकी ओसामा बिल लादेन को भी 'जी' बोल चुके हैं। यह करीब आठ साल पुरानी बात है। उस वक्त दिग्विजय सिंह ने कहा था कि पाकिस्तान के मिलिट्री अकादमी से 100 गज दूर पर ओसामा जी कई वर्षों से रह रहे थे, पाकिस्तानी आर्मी और सरकार क्या कर रही थी इस पर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। कहीं ऐसा तो नहीं है कि नेताओं की आदत में ही 'जी' और हांजी शुमार हो गया हो!
हिंदी में 'जी', 'साहब', 'श्री' और 'श्रद्धेय' का प्रयोग?
प्रकाश उप्रेती कहते हैं कि हिंदी में 'श्रद्धेय' का प्रयोग विशिष्टजनों के लिए आदर और सम्मान सूचन शब्द के तौर पर होता है। 'श्री' का प्रयोग सामान्य शिष्टाचार के लिए किया जाता है। वह कहते हैं कि ये आदरसूचक और सम्मानसूचक शब्द हैं लेकिन राजनीतिक प्रयोग में अपना अर्थ खोते जा रहे हैं। प्रकाश का मानना है कि आज की राजनीति में शब्दों के चयन के लिए वह सतर्कता और गंभीरता नजर नहीं आती है, जो पुराने राजनीतिज्ञों जैसे कि जवाहरलाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी में थी। इन नेताओं में शब्दों के चयन का अभ्यास था और ये लोग परिस्थितियों के अनुकूल ही शब्दों का प्रयोग करते थे। 21 वीं शताब्दी की राजनीति में शब्द अपना महत्व खो रहे हैं, इसका कारण है कि जिन नेताओं को हम सुनते हैं, चुनते हैं उन्होंने शब्दों के प्रयोग को ही बदल दिया है।
अजीत पुरी कहते हैं कि हिंदी में 'जी', 'श्री' और 'श्रद्धेय' सम्मान जताने वाले शब्द हैं। इनका प्रयोग जहां मर्जी वहां नहीं किया जा सकता है। अगर आप किसी के विचारों से प्रेरित हैं तो आप उसे 'जी' कह सकते हैं। आतंकवादियों के लिए 'जी' कहना दुर्भाग्यपूर्ण है।