जॉर्ज वॉशिंगटन अमेरिका के पहले राष्ट्रपति थे। उन्होंने 1758 के अमेरिकी चुनावों में अपने कैंपेन बजट को शराब खरीदने में खर्च कर दिया था। जॉर्ज 1789 से लेकर 1797 तक अमेरिका के राष्ट्रपति रहे। जब वह 1755 में बर्गेसेस के वर्जीनिया हाउस से चुनाव हार गए तो उन्होंने जनता के बीच अपनी पहुंच को और बढा़ने की ठानी। इसके लिए जॉर्ज वॉशिंगटन ने अनोखा तरीका निकाला। उन्होंने अपने दोस्तों और जनता के बीच न सिर्फ पैसे बांटे बल्कि शराब भी बांटी गई। लोगों को तोहफे दिए गए और मनोरंजन के साधनों को उपहार में दिया गया।
जॉर्ज ने अपने चुनाव प्रचार के पैसे से बारबाडियन रम का बैरल खरीदीं। यह कहा जाता है कि जॉर्ज का बारबाडियन रम से उस वक्त लगाव हुआ जब वह अपने भाई के साथ बारबाडोस आइलैंड की ट्रिप पर गए थे। उनके भाई को टीवी की बीमारी थी और डॉक्टरों ने गर्म वातावरण में जाने की सलाह दी थी। जॉर्ज वॉशिंगटन की आत्मकथा लिखने वाले डेनिस प्रोग ने अपनी किताब में खुलासा किया है कि 1755 में जॉर्ज अपने पहले चुनाव हारने से बहुत दुखी थे।
वह वर्गेसेस के वर्जीनिया हाउस से चुनाव लड़ रहे थे। उन्हें सिर्फ 40 वोट ही मिले। जबकि जीतने वाले प्रत्याशी को 271 वोट मिले। कहा जाता है कि जीतने वाले प्रत्याशी ने लोगों को बियर और रम की रिश्वत दी थी। इसी की देखा- देखी दो साल बाद अपने दूसरे चुनाव में जॉर्ज ने भी जनता में शराब बांटी और वह चुनाव जीत गए। इस चुनाव में जॉर्ज वॉशिंगटन को 331 वोट मिले।जॉर्ज वाशिंगटन का जन्म 1732 में वर्जीनिया की ब्रिटिश उपनिवेश में हुआ था।