भाजपा बीते चुनाव की तरह ही पीएम नरेंद्र मोदी को ही अपना चेहरा बनाएगी। ऐसे में प्रचार समिति के सामने उनके सकारात्मक व्यक्ति को उभारने की चुनौती है। पीएम के व्यक्तित्व को आम मतदाताओं के सामने रखने के लिए पार्टी ने इसके दो पक्ष नेतृत्व और प्रदर्शन को बेहतर तरीके से उभारने का फैसला किया है। प्रदर्शन के पक्ष में गरीब परक आधा दर्जन योजनाओं के व्यापक प्रचार की रणनीति बनी है, तो नेतृत्व के पक्ष को नीयत, मेहनत और निर्णायक के रूप में सामने रखने की योजना है।
नीयत के पक्ष में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने, मेहनत के पक्ष में विरोधियों के भी पीएम के 18-18 घंटे काम करने और निर्णायक के पक्ष में सबसे बेपरवाह रहते हुए देशहित में जीएसटी, नोटबंदी जैसे फैसले लेने को सामने लाने की रणनीति बनी है।