2019 चुनाव को फतेह करने के लिए नरेंद्र मोदी ने देशभर में 142 रैलियां की। 1.5 लाख किलोमीटर का हवाई सफर तय किया। मोदी ने जहां-जहां रैलियां की उनमें से भाजपा 109 सीटें जीतने में कामयाब रही जबकि 36 सीटें पार्टी के हाथ से निकली। मोदी ने यूपी से लेकर पश्चिम बंगाल तक जहां भी सभाओं को संबोधित किया वहां भारतीय जनता पार्टी को कामयाबी मिली।
पश्चिम बंगाल में नरेंद्र मोदी ने 17वें लोकसभा चुनाव के लिए 17 रैलियां की और सूबे की 40 लोकसभा सीटों में से भाजपा 18 सीटें जीतने में कामयाब रही। महाराष्ट्र में नरेंद्र मोदी ने 9 रैलियों को संबोधित किया और भाजपा ने 23 सीटें जीतीं जबकि शिवसेना के खाते में 18 सीटें गईं।
इसी तरह बिहार से लेकर मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जहां भी मोदी ने रैलियां की वहां भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन बेहद उम्दा रहा। मोदी ने एमपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की 65 लोकसभा सीटों के लिए 20 रैलियां की और एमपी की 29 सीटें भाजपा के खाते में गईं जबकि राजस्थान की सभी सीटें भारतीय जनता पार्टी के खाते में गईं।
राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश में 21 रैलियों को संबोधित किया और जब नतीजे आए तो पार्टी के खाते में सिर्फ एक ही सीट आई। खुद राहुल गांधी अमेठी सीट से हार गए। 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने 2 सीटें जीती थी। मध्यप्रदेश में राहुल गांधी ने 18 रैलियां की लेकिन एक ही सीट पर जीत मिली। राजस्थान में राहुल गांधी ने 13 रैलियों की और कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई। राहुल गांधी ने अपने 62 दिनों के प्रचार में 152 रैलियों को संबोधित किया।