लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 20 राज्यों की 91 लोकसभा सीटों और चार राज्यों की विधानसभा सीटों पर गुरुवार को मतदान होगा। 91 लोकसभा सीटों पर कुल 1279 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। पहले चरण के मतदान के लिए आयोग ने सभी जरूरी इंतजाम कर लिए हैं। वोटिंग सुबह सात बजे से शुरू हो जाएगी। मतदान के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पहले दौर में कई दिग्गज उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर लगेगी।
पहले चरण के मतदान में जिन प्रमुख नेताओं की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी उनमें केंद्रीय मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह, नितिन गडकरी, हंसराज अहीर, किरण रिजीजू, कांग्रेस की रेणुका चौधरी, एआईएमआईएम के असददुद्दीन ओवैसी शामिल हैं।
पहले चरण में छत्तीसगढ़ की नक्सली हिंसा प्रभावित बस्तर सीट पर भी मतदान होगा। चुनाव का विरोध कर रहे नक्सलियों ने बस्तर के दंतेवाड़ा क्षेत्र में मंगलवार को बारूदी सुरंग में विस्फोट कर हमला किया था। इसमें दंतेवाड़ा के भाजपा विधायक सहित अर्धसैनिक बल के पांच जवान शहीद हो गए थे। हमले के मद्देनजर चुनाव स्थगित करने की आशंकाओं को खारिज करते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि बस्तर सीट पर गुरुवार को पूर्व निर्धारित चुनाव कार्यक्रम के तहत ही मतदान होगा।
पहले चरण में आंध्र प्रदेश, सिक्किम और ओडिशा में विधानसभा चुनाव भी होगा। इस दौरान आंध्र प्रदेश की 175 विधानसभा सीटों, सिक्किम की 32 और ओडिशा की 28 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। आंध्र प्रदेश से अलग होकर 2014 में तेलंगाना राज्य की स्थापना होने के बाद आंध्र प्रदेश में पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहा है। राज्य की सभी 25 लोकसभा और 175 विधानसभा सीटों पर पहले चरण में गुरुवार को ही मतदान संपन्न हो जाएगा।
11 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए मंगलवार शाम चुनाव प्रचार थम गया था। आयोग द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण में मतदान सुबह सात बजे शुरू होगा। इनमें से कुछ सीटों पर शाम चार बजे तक, कुछ पर पांच बजे तक और कुछ सीटों पर छह बजे तक मतदान होगा। निर्वाचन नियमों के अनुसार मतदान खत्म होने के समय से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार थम जाता है। 17वीं लोकसभा के गठन के लिए 543 सीटों के लिए सात चरण में 11 अप्रैल से 19 मई तक मतदान होना है।