साल भर बर्फ की चादर ओढ़ कर सोती ताशीगंग रोड अब नींद से उठ कर लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। हिमाचल प्रदेश में ताशीगंग की ओर जाने वाली सड़क बर्फीले और ऊंचे इलाके में होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से ज्यादातर बंद रहती है।
लंबे समय के बाद इस सड़क को यहां के लोगों के लिए खोला जाएगा, ताकि लोग राज्य में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए मतदान कर सकें। ताशीगंग जमीन की सतह से 15 हजार 256 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसे दुनिया का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र घोषित किया गया है। इस बार इस बूथ में ताशीगंग और उसके पड़ोसी गेटे गांव के कुल 48 मतदाता वोट करेंगे, जिनमें से 30 पुरूष और 18 महिला वोटर हैं। हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में यानी 19 मई को मतदान होगा।
पहले यह मतदान केंद्र गेटे गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में था, स्कूल की बिल्डिंग कमजोर होने के कारण उसमें दरारें आ गई थीं। सुरक्षित नहीं होने के कारण मतदान केंद्र को ताशीगंग के एक पर्यटक लॉज में शिफ्ट कर दिया गया।
चुनाव के मद्देनजर पीडब्ल्यूडी भी अप्रैल के अंत तक ताशीगंग जाने वाली सड़क की मरम्मत करने की तैयारी में है, ताकि लोग गाड़ियों से मतदान केंद्र तक पहुंच सकें। इसके अलावा क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जा रहा है। ताशीगंग से पहले भी दुनिया का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र हिमाचल प्रदेश के ही स्पीति जिले के हिक्किम क्षेत्र में था।