उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव का राजनीतिक करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। डिंपल अपना पहला चुनाव हार गई थीं लेकिन इसके बाद भी उन्होंने अपना आत्मविश्वास बनाए रखा। उनके भाषणों में शालीनता साफ दिखती है, यही वजह है कि वह कम समय में ही लोगों के दिलों में उतरती चली गईं। डॉ. राम मनोहर लोहिया को अपना आदर्श बताने वाली डिंपल यादव संसद में महिलाओं की समस्याओं को उठाती रही हैं। अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते डिंपल ने महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में अहम योगदान दिया था। सपा की राज्यसभा सांसद जया बच्चन, डिंपल की करीबी मानी जाती हैं और वह हर चुनाव में उनके क्षेत्र में प्रचार करने जाती रही हैं।
15 जनवरी 1978 को महाराष्ट्र के पुणे में पैदा हुईं डिंपल कन्नौज से दो बार सांसद रह चुकी हैं। उनका परिवार मूलत: उत्तराखंड का रहने वाला है। पिता आसीएस रावत रिटायर कर्नल हैं। डिंपल तीन बहनों में दूसरे नंबर की हैं। डिंपल की शुरुआती पढ़ाई सैनिक स्कूल में हुई। उनके माता-पिता अभी उत्तराखंड के काशीपुर में रहते हैं। डिंपल और अखिलेश यादव ने प्रेम विवाह किया।
डिंपल का सियासी सफर
2009 लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की दो सीटों फिरोजाबाद और कन्नौज से चुनाव लड़ा। बाद में अखिलेश ने फिरोजबाद सीट छोड़ दी और उपचुनाव में डिंपल को वहां से उम्मीदवार बनाया। लेकिन, डिंपल कांग्रेसी नेता राज बब्बर से चुनाव हार गईं।
कन्नौज लोकसभा
अखिलश यादव के कन्नौज लोकसभा सीट छोड़ने के बाद वहां 2012 में उपचुनाव हुआ। सपा ने इस बार भी डिंपल यादव पर भरोसा जताया। वहीं, इस चुनाव में बसपा, कांग्रेस, भाजपा ने उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा जबकि, दो लोगों के नामांकन वापस लेने के बाद डिंपल निर्विरोध चुनाव जीतने में कामयाब रहीं। वहीं 2014 लोकसभा चुनाव में भी वह कन्नौज सीट बचा ले गईं। इस बार भी वो कन्नौज से ही सपा की उम्मीदवार हैं।
सोशल मीडिया पर सक्रियता
डिंपल यादव सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती हैं। वह 2017 में ट्विटर से जुड़ी। ट्विटर पर उनके फॉलोअर्स की संख्या करीब 2.32 लाख है।