बेटे के प्रचार में जुटीं रेणुका बिश्नोई ने कहा, "मैं खुद लोगों से मिलती हूं और अधिक से अधिक इलाकों तक पहुंचने की कोशिश करती हूं। मैं महिला मतदाताओं से खुलकर मिल सकती हूं और बात कर सकती हूं। मैं उनसे सही फैसला करने को कहती हूं।"
आशा हुड्डा भी अपने परिवार के पुरुष नेताओं की जीत सुनिश्चित करने के लिए जी जान से जुटी हैं। वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पत्नी और दीपेंद्र हुड्डा की मां हैं। उनके पति कांग्रेस के टिकट पर सोनीपत से चुनाव मैदान में हैं और पुत्र रोहतक से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं।
वह राज्य में अब तक 50 से अधिक रैलियों को संबोधित कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हम प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आते हैं। हां विवाद रहा है और अब हमारी भिन्न विचारधाराएं हैं, लेकिन मतदाता अपने क्षेत्र में हुए काम के आधार पर फैसला करते हैं।
वहीं, चौटाला परिवार से राजनीति में उतरने वाली पहली महिला नैना चौटाला अपने बेटों-दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला के लिए प्रचार कर रही हैं जो हिसार और सोनीपत लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। परिवार में विवाद के बाद उन्होंने इनेलो से नाता तोड़ लिया था और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) नाम से नई पार्टी बना ली थी।
नैना चौटाला के पति अजय चौटाला और ससुर ओमप्रकाश चौटाला शिक्षक भर्ती घोटाले में जेल में सजा काट रहे हैं। नैना का मानना है कि पारिवारिक पृष्ठभूमि मदद करती है, लेकिन इससे ज्यादा काम मायने रखता है।
वह अपने परिवार के दोनों पुरुषों के लिए वोट मांग रही हैं। सोनीपत और रोहतक के बीच उनका रोजाना आना-जाना रहता है। उनकी मदद उनकी बहू श्वेता हुड्डा भी कर रही हैं जो चुनाव प्रचार के दौरान उनके साथ ही रहती हैं।
तोशाम से कांग्रेस की विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल की बहू किरण चौधरी भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में अपनी बेटी श्रुति के लिए प्रचार कर रही हैं। पूर्व सांसद एक बार फिर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं।
वहीं, रीता शर्मा अपने पति अरविंद शर्मा के लिए प्रचार कर रही हैं जो रोहतक से भाजपा के उम्मीदवार हैं। अंजू भाटिया करनाल से भाजपा के उम्मीदवार और अपने पति संजय भाटिया के लिए चुनाव प्रचार में जुटी हैं। वहीं, अवंतिका माकन सिरसा से कांग्रेस के उम्मीदवार और अपने पति अशोक तंवर को जिताने के लिए चुनाव प्रचार में जुटी हैं।
उचाना कलां विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक प्रेमलता अपने पुत्र बृजेंद्र सिंह के लिए चुनाव प्रचार कर रही हैं जो हिसार से भाजपा के उम्मीदवार हैं और पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। बृजेंद्र जाट नेता और केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के पुत्र हैं और चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने आईएएस की नौकरी छोड़ी है।