गृहिणी प्रेमा के अनुसार, राहुल गांधी को हमारे लिए कुछ करना चाहिए था। हमें उनसे बहुत उम्मीदें थीं। लेकिन उन्होंने अपनी सांसद निधि में से यहां कुछ भी खर्च नहीं किया। जंगली जानवर हमारी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं लेकिन हमारी मदद के लिए कोई नहीं है।
राहुल गांधी से नाराजगी जताते हुए कई गांव वाले अमेठी से भाजपा उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के पास मदद की आस लेकर आ रहे हैं।
गांव के बुजुर्ग वीरेंद्र शंकर मिश्रा ने बताया कि स्मृति 2014 के लोकसभा चुनावों में हारने के बाद भी जगदीशपुर आती रही हैं। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी ने 2014 में अमेठी से जीतने के बाद भी अपने गोद लिए गांव को छोड़ दिया तब स्मृति ईरानी हमारे पास आती रहीं। पिछली बार जब राहुल गांधी की जीत का अंतर कम हो गया तो यह उनके लिए चेतावनी थी लेकिन स्पष्ट है कि उन्होंने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
गांव वालों ने कहा कि उन्हें भाजपा की उज्ज्वला योजना जैसे कार्यक्रमों से फायदा हुआ है। हालांकि कांग्रेस की अमेठी इकाई के अध्यक्ष योगेंद्र मिश्रा ने राहुल गांधी के बचाव में आते हुए कहा कि सरकार ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के लिए अलग से धन नहीं दिया था।
उन्होंने कहा कि सरकार को इसके लिए अलग से धन देना चाहिए था और राहुल जी ने यह बात पहले ही दिन कही थी। कोई सांसद अपनी सांसद निधि का सारा धन केवल एक गांव पर कैसे खर्च कर सकता है और क्षेत्र के दूसरे गांवों को कैसे छोड़ सकता है?
कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली अमेठी सीट पर छह मई को मतदान होगा। राहुल गांधी चौथी बार यहां से लोकसभा पहुंचने के लिए प्रयास कर रहे हैं।