चुनावी मौसम में नेताओं का एक पार्टी से दूसरी पार्टी में आवाजाही का सिलसिला जारी है और हर रोज नई खबर आ रही है। इस बीच आज शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। लखनऊ में डिंपल यादव की मौजूदगी में पूनम सपा में शामिल हुईं।
पूनम के सपा में शामिल होते ही एलान हो गया कि वह लखनऊ से चुनाव लड़ेंगी। सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने पूनम के लखनऊ से लड़ने का एलान किया। साथ ही उन्होंने अपील की कि कांग्रेस यहां से कोई उम्मीदवार न उतारे। राजनाथ ने यहां आज ही नामांकन दाखिल किया है। अब वह भाजपा उम्मीदवार राजनाथ सिंह के खिलाफ ताल ठोकेंगी। पूनम के लखनऊ सीट से लड़ने की चर्चा पहले ही खबरों में थी। आज इसपर मुहर भी लग गई।
शत्रुघ्न ने किया था इशारा
शत्रुघ्न सिन्हा ने जब भाजपा छोड़ कांग्रेस में जाने का एलान किया था, उसी दिन उनसे पत्नी पूनम के लखनऊ से लड़ने के बारे में पूछा गया था। इस पर शत्रुघ्न ने जवाब दिया था 'कुछ भी हो सकता है।' अब यहां मुकाबला देखने लायक हो सकता है। बता दें कि कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवार का एलान नहीं किया है। यहां से जितिन प्रसाद को टिकट दिए जाने की खबर चल रही थी। सबकी निगाहें अब कांग्रेस की तरफ लगी हैं।
1991 से भाजपा का कब्जा
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ लोकसभा सीट पर 1991 से लेकर अब तक भाजपा का ही कब्जा रहा है। भाजपा ने पहली बार 1991 में लखनऊ सीट पर जीत हासिल की थी। तब से लेकर 2014 तक भाजपा ही यहां जीत का परचम लहरा रही है। अटल बिहारी वाजपेयी इस सीट से लगातार 5 बार चुने गए। उनके राजनीतिक जीवन से संन्यास लेने के बाद 2009 में भाजपा के टिकट से इस सीट पर लालजी टंडन ने जीत हासिल की।
2014 के लोकसभा चुनाव में राजनाथ सिंह ने यहां से जीत दर्ज की थी। उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस नेता रीता बहुगुणा जोशी को 2,72,749 मतों से हराया था। रीता बहुगुणा जोशी 2017 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गई थीं. मौजूदा समय में वह योगी सरकार में मंत्री हैं।
बिहार में शत्रुघ्न, यूपी में पूनम
बहरहाल, एक तरफ जहां पूनम सपा में शामिल हो गई हैं, वहीं शत्रुघ्न कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। वह बिहार के पटना साहिब सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। लंबे समय तक भाजपा की बेरुखी के बाद उन्होंने इसी महीने कांग्रेस का दामन थाम लिया। भाजपा ने यहां से रविशंकर प्रसाद को मैदान में उतारा है।