दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में राष्ट्रीय कारोबारी महासम्मेलन में देश व प्रदेश के हजारों व्यापारी शामिल हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यापारियों से रूबरू हुए।देशभर से पहुंचे व्यापारियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केन्द्र की राजग सरकार ने पिछले पांच साल के दौरान व्यापारियों की जिंदगी और कारोबार को सरल बनाने के लिए काफी काम किया। पुराने पड़ चुके 1,500 कानून को समाप्त किया गया, प्रक्रियाओं को सुगम बनाया गया तथा आसान कर्ज उपलब्ध कराया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि व्यापारी भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं लेकिन पूर्व में उन्हें वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। अर्थव्यवस्था के आकार को दोगुना कर 5,000 अरब डालर करने का लक्ष्य बिना उनके योगदान के संभव नहीं है। उन्होंने कहा, मैं कारोबारियों की कठिन मेहनत से प्रभावित हूं, उनके कारोबार से अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ने में मदद मिली। मैंने पिछले पांच साल में आपके जीवन और कारोबार को सुगम बनाने के लिए काम किया।
मोदी ने कहा, देश यह देख रहा है कि कैसे हम आपके साथ हर समय खड़े रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि व्यापारी समुदाय मौसम का अनुमान बताने वालों की तरह है जो भविष्य में होने वाली गतिविधियों का पूर्वानुमान जता सकते हैं। विपक्षी कांग्रेस की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने 70 साल के शासन में कारोबारियों का अपमान किया। कांग्रेस ने देश की अर्थव्यवस्था में कारोबारी समुदाय के योगदान को महसूस किये बिना ही सभी व्यापारियों को चोर बता दिया।
मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी भी व्यवसायिक समुदाय से ही थे। उन्होंने कहा कि देश ने देखा है कि कांग्रेस ने किस तरह व्यापारियों का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि फिर से सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड गठित करेगी, व्यापारियों के लिये क्रेडिट कार्ड तथा छोटे दुकानदारों के लिए पेंशन योजना लाएगी।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बिना कुछ गिरवी रखे 50 लाख रुपये तक का कर्ज देने के लिये प्रावधान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीत सरकारें महंगाई के लिए व्यापारियों को जिम्मेदार ठहराती रही हैं जबकि पार्टी के उनके अपने ही लोग जमाखोर थे जो जिंसों की कालाबजारी करते थे।
सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि राजग ने कारोबार को आसान बनाने के लिये पिछले पांच साल में प्रतिदिन एक कानून के हिसाब से 1,500 पुराने कानून समाप्त किए। प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया, इंस्पेक्टर राज पर अंकुश लगाया गया तथा आयकर आकलन में व्यक्तिगत हस्तक्षेप को समाप्त किया गया।
मोदी ने कहा कि जुलाई 2017 में 17 विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य करों को मिलाकर लाये गये माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से कारोबार पारदर्शी हुआ है, राज्यों में जांच चौकियां समाप्त हुई तथा इससे पंजीकृत व्यापारियों की संख्या दोगुनी हुई।
उन्होंने कहा, मैं यह नहीं कहता कि कोई गलती नहीं हो सकती (जीएसटी क्रियान्वयन में) लेकिन हमने व्यापारियों से मिले सुझाव के अनुसार विसंगतियों को तेजी से दूर किया है।’’
मोदी ने कहा सुझावों के आधार पर दैनिक उपयोग के ज्यादातर समानों पर शून्य कर रखा गया है जबकि 98 प्रतिशत जिंसों पर 18 प्रतिशत की दर से कर रखा गया है। इतना ही नहीं जीएसटी के तहत कर रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया सरल बनायी गयी है तथा छोटे कारोबारियों के लिये छूट सीमा दोगुनी की गई है। हम निरंतर इस प्रक्रिया को सरल बना रहे हैं।