रविवार को विपक्षी दलों की ईवीएम मुद्दे पर आयोजित हुई प्रेस कांफ्रेंस में शामिल एक नेता ने भी स्वीकार किया कि इससे नकारात्मक संदेश जाने का डर तो रहता है, लेकिन इस डर से हम वह सवाल उठाना बंद नहीं कर सकते जो लोकतंत्र के लिए जरूरी है।
इसी प्रेस कांफ्रेस में अरविंद केजरीवाल ने यह भी कह दिया कि ईवीएम में कोई खराबी नहीं होती है। लेकिन इसकी प्रोग्रामिंग खराब कर दी जाती है जिससे इसके एक पक्ष में जाने की घटनाएं होने लगती हैं। लेकिन अरविंद केजरीवाल का यह स्टैंड इसी प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद चंद्रबाबू नायडू के दावे से बिल्कुल अलग था जिन्होंने प्रोग्रामिंग की बजाय मशीनों के ही खराब होने की शिकायत की। इससे भी विपक्ष इस मुद्दे पर अलग राय दिखा।
भाजपा के एक नेता ने कहा, यह बात सभी लोग जानते हैं कि आंध्रप्रदेश में जगनमोहन बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और वहां चंद्रबाबू नायडू की स्थिति खराब है। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल अपनी हार को रोकने के लिए कांग्रेस के सामने गठबंधन के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं। ऐसे में इन प्रपंचों का कोई असर नहीं होने वाला है। उलटे अंतिम समय में अपना मन बनाने वाले वोटर इससे यह तय कर लेंगे कि जीतने की स्थिति में कौन है और उन्हें कहां वोट करना चाहिए। इससे इस बात की आशंका बढ़ रही है कि ईवीएम का सवाल विपक्ष पर बैक फायर कर सकता है।