नरेंद्र माेदी के साथ अमित शाह(File Photo)
पूरे देश में देखा जाए तो सबसे ज्यादा (80) लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में भाजपा सबसे मजबूत है। यहां साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यहां 71 सीटें और उसके सहयोगी अपना दल ने दो सीटें जीती थीं। भाजपा इस बार भी यहां 2014 की जीत दोहराने की रणनीति पर काम कर रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 73 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया है।
2014 के चुनाव में उत्तर प्रदेश में मोदी लहर थी लेकिन इस बार मोदी के साथ योगी भी हैं जिससे पार्टी सूबे में और मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उत्तर प्रदेश और अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी की तरफ खास ध्यान दे रहे हैं। वाराणसी के नाम पिछले दिनों दिए गए संदेश में उन्होंने खासकर युवा मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश की। भाजपा को उम्मीद है कि युवा मतदाता 2014 की जीत को दोहराने में उसकी मदद करेंगे।
उत्तर प्रदेश के बाद भाजपा की नजर 42 सीटों वाले पश्चिम बंगाल पर है, जहां वह ज्यादा से ज्यादा कमल खिलाना चाहती है। छह चरणों में बंगाल में हिंसा के बावजूद बंपर वोटिंग हुई है और भाजपा को उम्मीद है कि इस बार बड़ी आबादी उसके पक्ष में है। 48 सीटों वाले महाराष्ट्र में अपनी पुरानी सहयोगी शिवसेना के साथ गठबंधन कर भाजपा थोड़ी निश्चिंत है।
राजनीतिज्ञ भी मानते हैं कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्य साध लेने वाला दल पूरे देश को साध लेगा। इन चारों राज्यों में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद भाजपा के लिए जादुई आंकड़ा छूना काफी आसान हो जाएगा।