चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो और मामलों में क्लीन चिट दे दी है। इसी के साथ अब तक पीएम को आचार संहिता उल्लंघन के 9 मामलों में आयोग की हरी झंडी मिल चुकी है। ताजा दोनों मामले 23 अप्रैल में रोड शो और 9 अप्रैल को चित्रदुर्ग में एक भाषण से जुड़े हैं।सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से छह मई तक आचार संहिता उल्लंघन के मामलों का निस्तारण करने के लिए कहा था। सिल्चर से कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने यह कार्रवाई थी।
इस पर कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति दर्ज करायी। मंगलवार को आठवें और नौ वें मामले में आयोग ने कहा है पीएम मोदी पर लगाए गए आरोप आयोग केएमसीसी मानकों के तहत नहीं आते है। इसलिए इस संदर्भ में पीएम पर कोई कार्रवाई नहीं बनती है।
दरअसल पहले मामले में 23 अप्रैल को पीएम अपने गृह नगर में वोट डालने के लिए गए थे। वह जब मतदान करने गए तो खुली जीप में गए जिसके चलते लोगों का हुजूम उनके पीछे हो गया था।विपक्ष ने आरोप लगाया था कि मोदी का काफिला रोड शो था जो आचार संहिता का खुला अपमान था। इसकी शिकायत कांग्रेस ने आयोग से की थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि पीएम के लिए चुनाव आयोग की आदर्श चुनाव आचार संहिता के कोई मायने नहीं हैं। इस पर आयोग ने गुजरात निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मंगाई थी। जिसके आधार पर आयोग ने मोदी को क्लीन चिट दे दी है।
दूसरा मामला कर्नाटक के चित्रदुर्ग का है। यहां पीएम ने बालकोट केनायकों को अपना वोट समपत करने का आह्वान किया था। इस पर मोदी शिकायत आयोग पहुंची थी। जहां आयोग ने उन्हें क्लीन चिट दे दी है। इससे पहले पीएम को सात मामलों में क्लीन चिट मिल चुकी है। कांग्रेस ने गुजरे कल भी कांग्रेस ने पीएम की शिकायत की है। कांग्रेस ने कहा है पूर्व पीएम राजीव गांधी पर पीएम मोदी अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।
बता दें कि 6 मई को एक चुनावी रैली में पीएम मोदी ने पूर्व पीएम राजीव गांधी को भ्रष्टाचारी नंबर 1 बताया था। कांग्रेस ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की थी। इसके बाद से कांग्रेस और भाजपा के बीच नई जंग शुरू हो गई थी।
राहुल गांधी ने राजीव गांधी पर पीएम मोदी की टिप्पणी को शर्मनाक करार दिया था। आज प्रियंका गांधी ने भी इसे लेकर पीएम मोदी को निशाने पर लिया। प्रियंका ने कहा- भाजपा ने जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं किए। ये कभी शहीदों के नाम पर वोट मांगते हैं, तो कभी मेरे परिवार के शहीद सदस्यों का अपमान करते हैं। उन्होंने मेरे शहीद पिता का अपमान किया है। उन्होंने पीएम की तुलना दुर्योधन से भी की।
इसे लेकर ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने प्रियंका को जवाब देते हुए कहा कि 23 मई को चुनाव नतीजों के बाद पता चल जाएगा कि दुर्योधन कौन है और कौन अर्जुन है।