चुनाव आयोग ने गुजरात भाजपा अध्यक्ष जीतूभाई वाघानी पर 72 घंटे तक देश में किसी भी तरह की सभा, रैली, साक्षात्कार या भाषण करने पर रोक लगा दी है। वाघानी पर सात अप्रैल को सूरत के अमरोली में एक जनसभा के दौरान दिए भाषण में अपशब्द इस्तेमाल करने का आरोप था। आयोग ने उसने जवाब मांगा था, और इस जवाब को असंतोषजनक पाकर आयोग ने 2 मई शाम चार बजे से अगले 72 घंटे के लिए यह बैन लगाया है।
इससे पहले चुनाव आयोग ने 18 अप्रैल को वाघानी को नोटिस भेजा था। इसमें आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप थे। नोटिस के अनुसार सात अप्रैल को अमरोली में जनसभा के दौरान उन्होंने कहा था कि ‘एक घटना के बाद अगर दूसरी घटना होती है तो फिर हमें उन्हें सूरत से बाहर धकेलने में समय नहीं लगेगा। मैं गुजरात के लोगों को चेतावनी देना चाहता हूं कि ये (अपशब्द); जिनकी सोच में पाप है, वे केवल आपको परेशान करना चाहते हैं। इसलिए मैं आपसे विनती करता हूं कि आप लोग कमल के निशान के बटन को दबाएं।’
वाघानी ने 20 अप्रैल को दिए जवाब में कहा था कि उनके बयान से प्रथमदृष्ट्या या पुख्ता रूप से भी आचार संहिता का उल्लंघन नहीं होता है। प्रमुख सचिव वरिंदर कुमार ने कहा कि जवाब पर विचार करने के बाद उनके बयान और अपशब्दों के इस्तेमाल पर आयोग उनकी भर्त्सना करता है। आयोग उम्मीद करता है कि एक जिम्मेदार राजनीतिक नेता होने के नाते वे इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
बैन सोशल मीडिया के उपयोग पर भी आयोग ने कहा कि जीतूभाई वाघानी दो मई को शाम चार बजे से अगले 72 घंटे यानी गुरूवार पांच मई के दोपहर चार बजे तक देश के किसी भी हिस्से में कोई जनसभा, जुलूस, रैली, रोड शो, इंटरव्यू या मीडिया में बयान नहीं देंगे। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट के साथ साथ सोशल मीडिया पर भी वे कोई बयान नहीं दे सकते।