ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा के 1984 सिख दंगों को लेकर दिए बयान पर कांग्रेस बैकफुट पर आ गई है। पार्टी ने इस बयान से अपना पल्ला झाड़ लिया है। कांग्रेस ने बयान जारी कर कहा है कि सैम पित्रोदा का व्यक्तिगत विचार, पार्टी का विचार नहीं है। कांग्रेस 1984 दंगा पीड़ितों के परिवार के न्याय के समर्थन में है। बता दें कि सैम पित्रोदा के बयान के बाद भाजपा ने इस मुद्दे को लपक लिया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पित्रोदा की टिप्पणी को लेकर उनके साथ ही कांग्रेस पर जमकर हमला बोला था। पीएम मोदी ने इस बयान को कांग्रेस की मानसिकता से जोड़ दिया था। हालांकि, सैम पित्रोदा पहले ही कह चुके हैं कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
'हिंसा और दंगे हमारे समाज में स्वीकार्य नहीं हैं'
कांग्रेस ने बयान जारी कर कहा कि हिंसा और दंगे हमारे समाज में स्वीकार्य नहीं हैं। पार्टी 1984 सिख दंगा पीड़ितों के न्याय के लिए प्रयासरत है। कांग्रेस ने पार्टी नेताओं को संवेदनशील मुद्दों को लेकर सावधानीपूर्ण अपनी बात रखने की नसीहत दी है। पार्टी का कहना है कि इस दंगे में जो दोषी हैं उनकी सजा के लिए पार्टी प्रयासरत है। इसके साथ ही 1984 के बाद हुए दंगों में शामिल लोगों को भी सजा मिलनी चाहिए जिसमें 2002 का दंगा भी शामिल है।
सैम पित्रोदा ने क्या बयान दिया था?
सैम पित्रोदा ने कहा था, 'अब क्या है 84 का? आपने क्या किया पांच साल में उसकी बात करिए। 1984 में हुआ तो हुआ आपने क्या किया? आपने रोजगार दिलाने का वादा कर जनता से वोट मांगा था। आपने 200 स्मार्ट सिटी बनाने का लोगों को सपना दिखाया था इसे भी आप पूरा नहीं कर सके। आपने कुछ नहीं किया इसलिए आप यहां-वहां गप लड़ाते हैं।'