चुनाव प्रचार का आखिरी दिन, आखिरी घंटा। चिलचिलाती दिनभर की धूप, थकान भरा मौसम और इसके बावजूद कार्यकताओं जोश उछाल मार रहा है। गाजीपुर में केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा तो मिर्जापुर अनुप्रिया पटेल ने देश में फिर मोदी सरकार बनाने की इच्छा शक्ति दिखाई है। निजी बातचीत में स्वामी प्रसाद मौर्य को लोकसभा चुनाव में कड़ा मुकाबला साफ दिखाई दे रहा है। आखिरी चरण में पूर्व भाजपा अध्यक्ष रमापतिराम त्रिपाठी ने भी पूरा जोर लगा दिया है, लेकिन अधिकांश भाजपा के कार्यकर्ता मान कर चल रहे हैं कि दिल्ली में खिचड़ी सरकार बन सकती है।
राम गोविंद त्रिपाठी कहते हैं कि बस 48 घंटे की बात है। 19 मई को सुबह मतदान शुरू होते ही भाग्य ईवीएम में बंद होना शुरू हो जाएगा। त्रिपाठी का कहना है कि सातवें चरण के मतदान के साथ ही दिल्ली में नई सरकार के गठन की तैयारी तेज हो जाएगी। इलाहाबाद के ज्ञानेश्वर शुक्ला संघ के पुराने कार्यकर्ता हैं। उनमें मोदी सरकार बनने का पूरा जोश दिखाई दे रहा है।
हालांकि शुक्ला का मानना है कि हर सीट पर सपा और बसपा गठबंधन ने कड़ी टक्कर दी है। बनारस में मेरठ के सुधीर अग्रवाल डटे हैं। सुधीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रचार करने आए हैं। सुधीर का कहना है कि लोगों को भले स्थिति 2014 वाली न दिखाई दे रही हो, लेकिन प्रधानमंत्री ऐतिहासिक अंतर से चुनाव जीत रहे हैं। हालांकि सुधीर इसका एक बड़ा कारण प्रधानमंत्री के खिलाफ अच्छा उम्मीदवार न होना भी मानते हैं।
क्या कह रहा है उत्तर प्रदेश का गणित
19 मई को उत्तर प्रदेश की महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव सुरक्षित, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, राबट्र्सगंज सुरक्षित सीटों पर मतदान होना है। इनमें वाराणसी की सीट को छोड़कर शेष सभी पर गठबंधन का उम्मीदवार कड़ी टक्कर दे रहा है। वाराणसी की सीट पर प्रियंका गांधी के रोड-शो के बाद लड़ाई काफी दिलचस्प हो गई है। समझा रहा है कि अल्पसंख्यक, बड़ी संख्या में भूमिहार, ब्राह्मण और व्यापारियों का एक वर्ग कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय को समर्थन दे सकता है।
इसी तरह से कांग्रेस प्रत्याशी आरपीएन सिंह भी अपने क्षेत्र में काफी मजबूत स्थिति में हैं। बलिया में वीरेन्द्र सिंह मस्त को तो गाजीपुर में भाजपा प्रत्याशी मनोज सिन्हा को कड़ी चुनौती का सामना कर पड़ रहा है। गोरखपर में मंदिर का उम्मीदवार न होने के कारण रविकिशन की राह थोड़ी मुश्किल नजर आ रही है। मिर्जापुर में अनुप्रिया पटेल सब पर भारी हैं। हालांकि गठबंधन के उम्मीदवार ने उन्हें कड़ी चुनौती दे दी है।