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राजस्थान में 'दो' का विचित्र संयोग: चुनावी महासंग्राम में भिड़ेंगे दो साधु, दो भाई और दो खिलाड़ी 

Sun, 21 Apr 2019 03:56 PM IST
Prachi Priyam भाषा, जयपुर
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जयपुर ग्रामीण लोकसभा में भिड़ेंगे राज्यवर्धन राठौड़ और कृष्णा पूनिया
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राजस्थान के चुनावी समर में उतरे प्रत्याशियों में दो की संख्या का रोचक संयोग है। राज्य की 25 सीटों के लिए भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवारों में से दो साधु हैं तो एक सीट पर दो मौसेरे भाइयों और एक सीट पर दो खिलाड़ियों में टक्कर है। दो मुख्यमंत्रियों के बेटे मैदान में हैं तो पूर्व राजघराने के दो सदस्य भी अपना चुनावी भाग्य आजमा रहे हैं।

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गौरतलब है कि राजस्थान में लोकसभा की कुल 25 सीटें हैं जिन पर दो चरण में 29 अप्रैल और 6 मई को मतदान होगा। 

2 खिलाड़ी

राज्य की जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट पर मुकाबला दो खिलाड़ियों में है। इस सीट से कांग्रेस ने पूर्व ओलंपियन और मौजूदा विधायक कृष्णा पूनिया को उतारा है। यहां से भाजपा के मौजूदा सांसद और पूर्व ओलंपियपन राज्यवर्धन सिंह राठौड़ दोबारा मैदान में हैं। राठौड़ ने निशानेबाजी में रजत पदक जीता तो पूनिया ने तीन ओलंपिक में भाग लिया। हालांकि राजनीतिक टीकाकारों का मानना है कि इस सीट पर जाट और राजपूत मतदाताओं की खासी संख्या है इसलिए जीतने के लिए जातीय समीकरण साधना भी बड़ी चुनौती होगी। 

2 भाई

राज्य की बीकानेर संसदीय सीट पर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी मौसेरे भाई हैं। मौजूदा सांसद अर्जुन राम मेघवाल का इस सीट पर यह तीसरा चुनाव है जबकि कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व आईपीएस अधिकारी मदन गोपाल मेघवाल का यह पहला चुनाव है। 2014 का चुनाव अर्जुन ने तीन लाख से अधिक मतों के अंतर से जीता था। इस सीट पर पिछले तीन चुनाव भाजपा ने ही जीते हैं। 

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2 साधु भी मैदान में

दो साधु भी राजस्थान से अपना चुनावी भाग्य आजमा रहे हैं। दोनों भाजपा के प्रत्याशी हैं। सीकर से भाजपा ने अपने मौजूदा सांसद सुमेधानंद सरस्वती को फिर टिकट दिया है। वहीं अलवर सीट पर उसने बाबा बालकनाथ को उतारा है। सरस्वती के सामने कांग्रेस के सुभाष महरिया है। अलवर लोकसभा क्षेत्र में भाजपा के सबसे युवा उम्मीदवार बाबा बालकनाथ (35 वर्ष) के सामने पूर्व राजघराने के भंवर जितेंद्र सिंह हैं। बालक नाथ रोहतक के मस्तनाथ मठ के महंत हैं। उनकी एक पहचान अलवर के पूर्व सांसद और महंत चांदनाथ के शिष्य की भी है।

पूर्व राजघराने से चुनावी समर में उतरे प्रत्याशियों की बात की जाए तो भंवर जितेंद्र सिंह के साथ साथ पूर्व विधायक दीयाकुमारी का नाम भी इसमें शामिल है। पूर्व जयपुर राजघराने की दीयाकुमारी भाजपा की टिकट पर राजसमंद से प्रत्याशी हैं। कांग्रेस ने इस सीट पर देवकीनंदन गुर्जर को उतारा है। 

दो का यह संयोग चुनावी मैदान में उतरे मुख्यमंत्री के पुत्रों में भी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत जोधपुर सीट से और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह झालावाड़ बारां सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। मौजूदा सांसद दुष्यंत का यह चौथा चुनाव होगा। वहीं वैभव पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। इस तरह का एक रोचक संयोग 'दलबदलू' प्रत्याशियों का भी बनता है। ऐसे दो उम्मीदवार मानवेंद्र सिंह और प्रमोद शर्मा है। पूर्व भाजपा सांसद मानवेंद्र सिंह इस बार कांग्रेस की टिकट पर बाड़मेर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं भाजपा से कांग्रेस में आए प्रमोद शर्मा को झालावाड़ बारां सीट पर उतारा गया है।

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