महात्मा गांधी के हत्यारे नाथुराम गोडसे को लेकर कमल हासन के बयान के बाद शुरू हुई सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। कमल हासन के गोडसे को हिंदू आतंकवादी बताने के बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने उसे देशभक्त बता दिया। उनके इस बयान की चहुंओर निंदा होने लगी तो भाजपा ने भी साध्वी के बयान से किनारा कर लिया और माफी मांगने की जरुरत बताई। प्रज्ञा ने मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष से माफी मांग ली, लेकिन चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाते हुए रिपोर्ट मांग दी। इसके बाद शुक्रवार सुबह भाजपा नेता अनंत हेगड़े साध्वी के बचाव में उतरते दिखे। बवाल बढ़ता दिखा तो अनंत हेगड़े का एक और ट्वीट सामने आया कि उनका ट्विटर एकाउंट हैक हुआ था।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के एक के बाद एक ट्वीट कर कार्रवाई की बात कही। उन्होंने ट्वीट किया कि विगत दो दिनों में अनंत कुमार हेगड़े, साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और नलीन कटील के जो बयान आये हैं, वो उनके निजी बयान हैं, उन बयानों से भारतीय जनता पार्टी का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा कि इन लोगों ने अपने बयान वापस लिए हैं और माफी भी मांगी है। फिर भी सार्वजनिक जीवन तथा भारतीय जनता पार्टी की गरिमा और विचारधारा के विपरीत इन बयानों को पार्टी ने गंभीरता से लेकर तीनों बयानों को अनुशासन समिति को भेजने का निर्णय किया है। अनुशासन समिति तीनों नेताओं से जवाब मांगकर उसकी एक रिपोर्ट 10 दिन के अंदर पार्टी को दे, इस तरह की सूचना दी गई है।
हेगड़े ने ट्वीट किया कि उनका एकाउंट गुरुवार को हैक हो गया था। उन्होंने लिखा कि
गांधीजी की हत्या को जस्टिफाई करने का सवाल ही नहीं पैदा होता। गांधीजी के हत्यारे के प्रति सहानुभूति का कोई औचित्य ही नहीं है। राष्ट्र के प्रति गांधीजी के योगदान के प्रति हमलोग सभी बहुत सम्मान रखते हैं।
My account was hacked since yesterday. There is no question of justifying Gandhi ji's murder. There can be no sympathy or justification of Gandhi ji's murder. We all have full respect for Gandhi ji's contribution to the nation.