2014 का वोट शेयर
उत्तर कोलकाता में टीएमसी का वोट शेयर 35.94 फीसदी तक पहुंच गया था जबकि भाजपा का वोट प्रतिशत 25.88 फीसदी तक पहुंच गया था। यहां से भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा उम्मीदवार थे। दम दम सीट भाजपा अतीत में जीत चुकी है। वहीं, बांग्लादेश की सीमा से लगते बशीरहाट में मुस्लिमों की करीब 50 फीसदी आबादी है। भाजपा यहां गाय की तस्करी, घुसपैठ का मुद्दा उठा रही है जिसका उसे फायदा हो सकता है।
ममता के गढ़ में भाजपा के कदम
टीएमसी के गढ़ में उसी को चुनौती देने के लिए भाजपा ने इस बार इन नौ सीटों पर अपने सबसे मजबूत नेताओं को प्रचार के लिए उतारा। पीएम मोदी चार जगहों दम दम, बशीरहाट, मथुरापुर और डायमंड हार्बर में रैली कर रहे हैं। वहीं अमित शाह को बरासात, जयनगर और उत्तर कोलकाता में रैलियों का जिम्मा मिला। इसके अलावा यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को भी कई रैलियों के लिए बुलाया गया।
कोलकाता में अमित शाह के रोड शो में हिंसा इसी सियासी संघर्ष का परिणाम है। शाह, ममता के गढ़ में ही उन्हें चुनौती देने पहुंचे थे। ऐसे में संघर्ष होना लाजिमी ही था। इस हिंसा का नतीजा ये हुआ कि चुनाव आयोग को अभूतपूर्व फैसला लेते हुए प्रचार का समय एक दिन घटाने पर मजबूर कर दिया। अब चुनाव आयोग टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों के निशाने पर है। उधर, भाजपा भी चुनाव आयोग पर ममता पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगा रही है।