फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बंगाल में चुनाव प्रचार पर रोक लगाने के फैसले पर बोले सिंघवी- हमारे पास कोर्ट जाने का अधिकार

Thu, 16 May 2019 06:43 PM IST
ललित फुलारा चुनाव डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
अभिषेक मनु सिंघवी
विज्ञापन

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग के पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार पर 24 घंटे पहले रोक लगाने के फैसले को लेकर कहा कि हमें आयोग से संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। चुनाव आयोग ने बिना किसी अर्ध-न्यायिक प्रक्रिया के चुनाव प्रचार में एक दिन की कटौती कर दी। पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा के लिए जब भारतीय जनता पार्टी जिम्मेदार है तो इसके लिए दूसरी पार्टियां क्यों परेशानी उठाएं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के इस फैसले को लेकर हमारे पास कोर्ट जाने से लेकर बाकी सभी अधिकार मौजूद हैं।

विज्ञापन




बता दें कि कांग्रेस ने अमित शाह के रोड शो के दौरान पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा और उसके बाद चुनाव आयोग के एक दिन पहले ही प्रचार पर रोक लगाने के फैसले को लेकर आयोग के पास अपना प्रतिनिधि मंडल भेजा था। इसमें अभिषेक मनु सिंघवी भी मौजूद थे।
 
क्या है पूरा मामला?
पश्चिम बंगाल में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इसके बाद ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। दोनों ही पार्टियों ने मूर्ति तोड़ने का आरोप एक-दूसरे पर मढ़ा था।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना था कि भाजपा विद्यासागर की पंचधातू की मूर्ति बनवाएगी। सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसका जवाब देते हुए कहा था कि हमारे पास मूर्ति बनवाने के लिए पैसे हैं। क्या मोदी 200 साल पुराने धरोहर को लौटा सकते हैं। ममता बनर्जी का कहना था कि हमारे पास सबूत हैं और आप कहते हैं कि मूर्ति को टीएमसी ने तोड़ा है। आपको शर्म नहीं आती है। आरोप साबित करिए नहीं तो हम आपको जेल भेज देंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें