साध्वी प्रज्ञा को भोपाल से भाजपा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद ट्विटर पर कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के बीच तीखी बहस हुई। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को अपने ट्विटर पर लिखा- कल्पना कीजिए अगर मैंने आतंक के आरोपी को उम्मीदवार बनाया होता तो चैनलों में हैशटैग 'महबूबाटेररिस्ट' ट्रेंड कर रहा होता। इन लोगों के अनुसार आतंक का कोई मजहब नहीं होता है अगर भगवा इसके दायरे में होते हैं, वरना इन्हें सभी मुसलमान आतंकवादी लगते हैं।
बता दें कि महबूबा ने 'ये लोग' शब्द का इस्तेमाल भाजपा के द्वारा प्रज्ञा ठाकुर को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद किया था। इसके बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी मैदान में कूद पड़े। उन्होंने ट्वीट किया, "ये लोग आपको सत्ता से हटाने से पहले आपके सहयोगी हुआ करते थे, ये लोग 2014 में सत्ता में आने के बाद से ऐसे ही थे लेकिन आपका ध्यान जून 2018 के बाद इनपर गया, आपके सत्ता में बने रहने के लालच का नतीजा है कि आप इनके गुनाहों देख नहीं पाईं।
इसके बाद महबूबा ने उमर को याद दिलाते हुए कहा कि आपकी पार्टी ने पहली बार भाजपा से राज्य में गठबंधन किया था। पहला गठबंधन होने के नाते आपने उनके सच्चे रंग नहीं पहचाने।