लोकसभा में तीन तलाक बिल पर पूरे दिन बहस चलने के बाद अब मतदान शुरू हो गया है। केंद्र सरकार बिल को पारित करने की कोशिश में है। पहले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने अपने सांसदों को इसके लिए व्हिप जारी किया था और उनसे सदन में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा था। वहीं, कांग्रेस ने भी इससे पहले अपने राज्यसभा सांसदों को सदन में उपस्थित होने के लिए व्हिप जारी किया था।
राज्यसभा में आज आरटीआई बिल पेश किया गया जिसे लेकर खासा विवाद हो चुका है। विरोध के बीच लोकसभा में इसे पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
रविशंकर प्रसाद: सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी और कानून लाने के बाद मुझे लगा था कि ये रुक जाएगा। जुलाई तक तीन तलाक के 574 मामले सामने आए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 345 तीन तलाक के मामले सामने आए हैं। अगर दुनिया के 20 से अधिक मुल्कों ने तीन तलाक को नियंत्रित किया। सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे गलत बताया है। मामूली बातों पर तलाक दिया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी महिलाएं मुश्किलें झेल रही हैं। मैं उन्हें क्या जवाब देता। ये महिला की गरिमा और सम्मान का मामला है। तीन तलाक मामलों में महिलाओं को न्याय दिलाकर रहेंगे।
(इस दौरान रविशंकर प्रसाद ने अमर उजाला की खबर का भी जिक्र किया। )
सपा सांसद एसटी हसन ने कहा- मैं तीन तलाक बिल के विरोध में हूं। सरकार को किसी धर्म के अंदरुनी मामलों में दखल नहीं देना चाहिए। फैसला लड़की और उसके मां-बाप पर छोड़ दिया जाना चाहिए। आपराधिक क्लाज के तहत तीन साल की सजा का प्रावधान है, अगर पति जेल गया तो पत्नी को मुआवजा कौन देगा। एक मुस्लिम तीन साल के लिए जेल जाएगा और दूसरा एक साल के लिए, क्या ये न्याय है?
कांग्रेस ने यूपीए के सहयोगी दलों से बातचीत की है और सभी दल लोकसभा में तीन तलाक बिल का विरोध करेंगे। कांग्रेस सांसद के सुरेश ने कहा, तीन तलाक में आपराधिक प्रावधान का पुलिस दुरुपयोग कर सकती है। इसलिए हम इस प्रावधान का सख्ती से विरोध करेंगे।