फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Assam Tea: असम चाय के 200 साल पूरे होने पर लोगो किया गया जारी, राज्य सरकार करेगी भव्य कार्यक्रम का आयोजन

Mon, 22 May 2023 01:28 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

उन्होंने उपकर उपयोग नीति के तहत परिवहन वाहनों की खरीद के लिए छोटे चाय किसानों को अलग-अलग राशि के चेक भी वितरित किए, जिसमें राज्य सरकार 75 प्रतिशत लागत सहायता प्रदान करती है।
विज्ञापन
असम चाय बागान - फोटो : twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस के मौके पर रविवार को असम चाय के 200 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक लोगो का अनावरण किया गया। अहमदाबाद स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन एंड टी बोर्ड इंडिया द्वारा डिजाइन किए गए लोगो का अनावरण असम के उद्योग और वाणिज्य मंत्री बिमल बोरा ने किया।
विज्ञापन


बता दें कि 1823 में, रॉबर्ट ब्रूस ने ऊपरी ब्रह्मपुत्र घाटी में जंगली उगने वाले जंगली चाय के पौधों की खोज की थी। आज की स्थिति में, असम अब सालाना लगभग 700 मिलियन किलोग्राम चाय का उत्पादन करता है और भारत के कुल चाय उत्पादन का लगभग आधा हिस्सा है। राज्य 3,000 करोड़ रुपये के बराबर अनुमानित वार्षिक विदेशी मुद्रा आय भी उत्पन्न करता है।
 
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार असम चाय के 200 साल पूरे होने पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन करेगी। 200 वर्षों से, असम की 'कड़क चाय' ने दुनिया भर में करोड़ों लोगों के दिन की शुरुआत करती आ रही है। #InternationalTeaDay पर हम अपने 70 लाख चाय बागान समुदाय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं और भारत के राष्ट्रीय पेय के द्विशतवार्षिक वर्ष को भव्य तरीके से मनाएंगे।
विज्ञापन


अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोरा ने चाय उद्योग और मजदूरों के लाभ के लिए उनकी सरकार द्वारा की गई पहलों पर चर्चा की। उन्होंने उपकर उपयोग नीति के तहत परिवहन वाहनों की खरीद के लिए छोटे चाय किसानों को अलग-अलग राशि के चेक भी वितरित किए, जिसमें राज्य सरकार 75 प्रतिशत लागत सहायता प्रदान करती है।

चाय उद्योग ने हजारों को दिया रोजगार
बोरा ने कहा कि चाय उद्योग ने हजारों लोगों को रोजगार दिया है। आर्थिक प्रभाव के अलावा, चाय उद्योग ने कई जनजातियों के विभिन्न सांस्कृतिक प्रथाओं और कला रूपों के साथ राज्य के सामाजिक ताने-बाने में भी बहुत योगदान दिया है। बोरा ने कहा कि असम चाय ने एक लंबा सफर तय किया है, लेकिन यह सुनिश्चित करने के लिए अभी भी बहुत कुछ करने की जरूरत है कि यह विकसित वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बना रहे। वित्त मंत्री अजंता नियोग ने 2023-24 के अपने बजट भाषण में कहा था कि असम चाय को बढ़ावा देने और चाय बागान समुदायों की समृद्ध सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए देश भर के प्रमुख शहरों के साथ-साथ विदेशों में भी रोड शो आयोजित किए जाएंगे।
विज्ञापन


 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें