देशभर में जारी लॉकडाउन की वजह से विभिन्न राज्यों में प्रवासी मजदूर, छात्र, पर्यटक आदि फंसे हुए हैं। इसी बीच महाराष्ट्र के चंद्रपुर की सड़कों पर शनिवार को उत्तर भारत के लगभग एक हजार मजदूर इकट्ठा हो गए और अपने मूल स्थानों पर वापस जाने की मांग करने लगे। यह जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बल्लारपुर जिले में यह घटना शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे घटी। उन्होंने कहा, 'एक हजार से ज्यादा मजदूर जो ज्यादातर सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक निर्माण स्थल पर रह रहे हैं, सड़कों पर उतर आए और मांग करने लगे कि उन्हें उनके गृह राज्यों में वापस भेजने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने राजमार्ग को अवरुद्ध करने की कोशिश की और रेलवे स्टेशन की ओर चलना शुरू कर दिया।'
अधिकारी ने कहा, 'मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार में स्थित अपने गृहनगर वापस जाना चाहते हैं।' कुछ मजदूर पश्चिम बंगाल से भी हैं। उनका कहना है कि लॉकडाउन की वजह से उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उनकी आय के साधन खत्म हो गए हैं। हालांकि पुलिस ने उन्हें खाना दिया। उन्होंने बताया कि बाद में मजदूर अपने स्थानीय निवास की ओर लौट गए।
सूचना मिलने पर रामनगर पुलिस स्टेशन के कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लाया गया। अधिकारी ने कहा, 'पुलिस कर्मचारियों ने मजदूरों से कहा कि यदि वे अपने गृह राज्यों को लौटना चाहते हैं तो उसके लिए विशेष प्रक्रिया का पालन किया जाएगा क्योंकि विशेष गाड़ियों की व्यवस्था की जा रही है। उन्हें विशेष ट्रेनों में जगह दिए जाने के लिए आवेदन फॉर्म भरने के लिए कहा गया।'
महाराष्ट्र से 847 मजदूरों को लेकर विशेष ट्रेन रवाना
महाराष्ट्र के नासिक से शनिवार सुबह करीब 10 बजे एक श्रमिक विशेष ट्रेन 847 प्रवासी मजदूरों को लेकर उत्तर प्रदेश के लखनऊ के लिए रवाना हो गई है। केंद्रीय रेलवे (सीआर) ने कहा कि महाराष्ट्र में फंसे हुए प्रवासी मजदूर शनिवार सुबह नासिक से लखनऊ के लिए रवाना हुए। सीआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने बताया कि ट्रेन सुबह 10.20 बजे नासिक रोड रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। उन्होंने कहा, '847 यात्री ट्रेन में सवार हुए, जो सामाजिक दूरी के सभी मानदंडों का पालन कर रहे थे। इस विशेष ट्रेन में 17 कोच हैं।