देश में कोरोना वायरस के प्रसार पर जल्द से जल्द काबू पाने के लिए अब एक अप्रैल से 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को भी वैक्सीन दी जाएगी। बता दें कि केंद्र सरकार ने इसकी घोषणा एक सप्ताह पहले ही कर दी थी लेकिन मंगलवार को आधिकारिक रूप से इसकी जानकारी दी गई।
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कोविन पोर्टल पर बृहस्पतिवार से पंजीयन
टीकाकरण के इस चरण को लेकर मंगलवार को आधिकारिक रूप से जानकारी दी गई। इसके तहत वैक्सीन लेने के लिए लोग कोविन पोर्टल पर एक अप्रैल बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे के बाद पंजीयन करा सकेंगे।
सरकारी या निजी किसी भी अस्पताल में लगवा सकेंगे टीके
पंजीयन कराने के बाद सरकारी या निजी अस्पतालों में से किसी भी अस्पताल में जाकर वैक्सीन की खुराक लगवाई जा सकेगी।
ब्रिटेन व ब्राजील वैरिएंट पर असरकारी हैं दोनों टीके
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने कहा है कि भारत में लगाए जा रहे दोनों टीके कोविशील्ड व कोवैक्सीन ब्रिटेन व ब्राजील में मिले कोरोना वायरस के नए वैरिएंट पर असरकारी हैं।
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ये दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट पर असरकारी हैं या नहीं, इसे लेकर शोध जारी है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को मीडिया को बताया कि देश में ब्रिटिश वैरिएंट के 807 और ब्राजील वैरिएंट का मात्र एक रोगी मिला है।
10 जिलों में सक्रिय केस ज्यादा
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश के 10 जिलों में सक्रिय केस ज्यादा हैं। इनमें पुणे, मुंबई, नागपुर, ठाणे, नासिक, औरंगाबाद, बंगलुरू, नांदेड़, दिल्ली और अहमदनगर शामिल हैं।
कहां कितनी संक्रमण दर
राष्ट्रीय औसत 5.65%
महाराष्ट्र 23%
पंजाब 8.82%
छत्तीसगढ़ 8%
मध्य प्रदेश 7.82%
तमिलनाडु 2.50%
कर्नाटक 2.45%
गुजरात 2.2%
दिल्ली 2.04%
पांच लाख से ज्यादा भर्ती
अधिकारियों ने बताया कि बीते 24 घंटे में 56,119 नए कोरोना संक्रमित मिले। 266 की मौत हो गई। सक्रिय मरीजों की संख्या भी 18,883 बढ़ी है। अब तक कुल एक करोड़ 20 लाख लोग महामारी की चपेट में आ चुके हैं। एक करोड़ 13 लाख से ज्यादा ठीक हो चुके हैं और एक लाख 62 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। अभी 5.37 लाख लोग अस्पतालों में भर्ती हैं।
संक्रमण के 78 फीसदी नए मामले यहां
गत 24 घंटे में देश में संक्रमण के 78.56% नए मामले महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात में मिले। इन राज्यों में करीब सवा चार लाख लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि देश के ज्यादातर राज्यों में संक्रमित मरीजों को क्वारंटीन या आइसोलेशन का काम ठीक ढंग से नहीं किया जा रहा है। होम क्वारंटीन किए गए लोगों की निगरानी भी नहीं रखी जा रही है। नीति आयोग के डॉ. वीके पॉल ने बताया कि हम कुछ जिलों में तेजी से गंभीर स्थिति की ओर जा रहे हैं, इससे पूरे देश को खतरा है। यहां टेस्ट बढ़ाने को कहा गया है।