केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए संशोधित नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लॉकडाउन 2.0 का एलान किया था। पीएम मोदी ने तीन मई तक लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा था कि बुधवार को इससे संबंधित सभी दिशा-निर्देश (गाइडलाइन) जारी किए जाएंगे।
20 अप्रैल से कुछ सेवाओं पर छूट मिलनी शुरू हो जाएगी। हालांकि, इन सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का काम जिला प्रशासन का होगा। हम आपको बता रहे हैं कि संशोधित दिशा-निर्देशों में क्या छूट दी गई हैं और क्या पाबंदी हैं।
लॉकडाउन 2.0 के संशोधित दिशा-निर्देश
इन सेवाओं पर मिलेगी छूट
- बैंक शाखाएं और एटीएम, बैंकिंग संचालन के लिए आईटी विक्रेता, बैंकिंग संवाददाता और नकदी प्रबंधन एजेंसियां काम करती रहेंगी।
- अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, डिस्पेंसिरी, मेडिकल स्टोर और मेडिकल लैब खुले रहेंगे।
- पैथोलॉजी लैब, दवाई से जुड़ी कंपनियां खुली रहेंगी।
- पोस्ट ऑफिस, एलपीजी और पेट्रोल-डीजल सप्लाई जारी रहेंगी।
- मेडिकल इमर्जेंसी और विशेष मंजूरी पर दूसरे राज्य और दूसरे जिले में जाने की इजाजत होगी।
- खेती से जुड़ी सभी गतिविधियां चालू रहेंगी।
- किसानों और कृषि मजदूरों को खेती से जुड़े काम करने की छूट रहेगी।
- कृषि उपकरण और उनके मरम्मत की दुकानें खुली रहेंगी।
- खाद, बीज, कीटनाशकों के निर्माण और वितरण की गतिविधियां चालू रहेंगी।
- कटाई से जुड़ी मशीनों के एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने की छूट रहेगी।
- मनरेगा कार्यों को सामाजिक दूरी और चेहरे पर मास्क के साथ अनुमति दी गई है।
- इमर्जेंसी में चार पहिया और दुपहिया वाहनों को छूट दी गई है।
- सभी आईटी सेवाएं जारी रहेंगी।
- कोरोना से जुड़ी रिसर्च करने वाले संस्थान खुली रहेंगी।
- स्वास्थ्य संबंधी पैकेजिंग सामग्री और कच्चे माल बनाने वाली विनिर्माण इकाइयां चालू रहेंगी।
- एंबुलेंस समेत मेडिकल और स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण जारी रहेगा।
- ट्रक रिपेयर के लिए हाईवे पर दुकानें और ढाबे खुले रहेंगे। न्यूनतम दूरी राज्य/केंद्र शासित प्रदेस का प्रशासन तय करेगा।
- वो सभी होटल, गेस्टहाउस और लॉज खुले रहेंगे जिनमें लॉकडाउन के कारण लोग ठहरे हुए हैं।
- गौशालाएं खुली रहेंगी।
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20 अप्रैल से शुरू होने वाली सेवाएं
- जरूरी सामान मुहैया कराने वाली ई-कॉमर्स कंपनियां।
- जरूरी सामान बेचने वाली किराने की और राशन की दुकानें।
- फल-सब्जी के ठेले और साफ-सफाई के सामान वाली दुकानें।
- डेयरी और मिल्क बूथ, पोल्ट्री, मीट, मछली और चारा बेचने वाली दुकानें।
- इस सभी सामानों की होम डिलिवरी जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।
यहां देखें सभी दिशा-निर्देश