लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद अधिनियम, 1997 के तहत परिषद की कुल सीट में से कम से कम एक तिहाई सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी और ऐसी सीट अलग-अलग क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों को बारी-बारी से आवंटित की जा सकती हैं।
केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति से स्वीकृत लद्दाख सिविल सेवा विकेंद्रीकरण एवं भर्ती-निवास प्रमाण पत्र (प्रक्रिया) नियम, 2025 को अधिसूचित कर दिया है। आरक्षण और अधिवास संबंधी नए नियम के तहत नौकरियों में स्थानीय लोगों को 85 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 फीसदी आरक्षण को बरकरार रखा गया है। वहीं, लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषदों में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
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केंद्र के इस कदम का उद्देश्य स्थानीय हितों की रक्षा करना है। जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाला अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से लद्दाख के लोग अपनी भाषा, संस्कृति और भूमि की रक्षा के लिए संवैधानिक सुरक्षा की मांग कर रहे थे। सरकार की अधिसूचना के मुताबिक, नौकरियों, स्वायत्त परिषदों और अधिवास में आरक्षण की नीतियों में बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू होंगे।
क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों को बारी-बारी से आवंटित होगी सीट
अधिसूचना के मुताबिक, लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद अधिनियम, 1997 के तहत परिषद की कुल सीट में से कम से कम एक तिहाई सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी और ऐसी सीट अलग-अलग क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों को बारी-बारी से आवंटित की जा सकती हैं। लद्दाख के लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिए पहली बार जनवरी 2023 में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था। इसने लद्दाख के प्रतिनिधियों के साथ उनकी मांगों का सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने के लिए कई बैठकें की थीं।