अदालत ने मौत की सजा सुनाते हुए कहा कि दोषी पर बुजुर्ग दंपति की देखभाल करने की जिम्मेदारी थी, क्योंकि उनकी बेटियां विदेश में थीं। उसने एक नृशंस हत्या की जिसे उचित नहीं ठहराया जा सकता।
केरल में कोट्टायम की एक सत्र अदालत ने पझायिडोम में एक बुजुर्ग दंपति की बेरहमी से हत्या करने के आरोप में एक व्यक्ति को मौत की सजा सुनाई। घटना 28 सितंबर 2013 को हुई थी। जब आरोपी अरुण शशी ने थंकम्मा (68) और उसके पति भास्करन नायर (71) की हथौड़े से पीटकर हत्या कर दी थी, वह उनके घर में चोरी के इरादे से घुसा था।
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भाई के बेटे ने दिया वारदात को अंजाम
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी अरुण थंकम्मा के भाई का बेटा है। अदालत ने मौत की सजा सुनाते हुए कहा कि दोषी पर बुजुर्ग दंपति की देखभाल करने की जिम्मेदारी थी, क्योंकि उनकी बेटियां विदेश में थीं, अदालत ने कहा कि उसने एक नृशंस हत्या की जिसे उचित नहीं ठहराया जा सकता।
हथौड़े से बेरहमी से कर दी हत्या
अतिरिक्त अभियोजक के जितेश ने कहा कि दोषी दंपति के घर पहुंचा और नायर और उसकी पत्नी पर हथौड़े से बेरहमी से हमला किया। उन्होंने कहा कि शशि को चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद हत्या में उसकी भूमिका का खुलासा हुआ।
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पैसे के कारण दिया जघन्य अपराध को अंजाम
मामले के अनुसार, अरुण ने कार खरीदने के लिए पैसे की कमी पड़ी इसके लिए उसने जघन्य अपराध को अंजाम दिया। दो मंजिला घर की सीढ़ी के पास फर्श पर दंपति के शव पड़े मिले। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि अरुण रात करीब आठ बजे दंपति के घर पहुंचा था। उसने सबसे पहले टेलीविजन देख रहे भास्करन नायर पर हमला किया और हथौड़े से मारकर उसकी हत्या कर दी।