रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सरकारों द्वारा लोन माफी के बड़े कदमों पर चिंता जताई है। आरबीआई गवर्नर का कहना है कि लोनमाफी की वजह से आने वाले समय में दिक्कतें खड़ी हो सकती है। उन्होंने राज्यों के वित्त पर अपनी सालाना रिपोर्ट के दौरान ये बात रखी।
आरबीआई गवर्नर ने साफ कहा कि कर्जमाफी से किसानों को फौरी तौर पर तो राहत मिलती है, पर ये बाद में दिक्कतें खड़ी कर सकता है। इन कदमों से राजकोष पर बुरा असर पड़ता है, जिसकी वजह से आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है।
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, आरबीआई ने कहा है कि करदाताओं के पैसों से हम भले ही लोन माफ कर रहे हों, पर भविष्य में कर्ज रिलीफ बांड्स में कमी आ सकती है। इसकी वजह से स्टेट डेवलपमेंट लोन(एसडीएल) पर ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ सकता है।
आरबीआई का ये कमेंट यूपी सरकार द्वारा 1 लाख तक के लोन माफ करने की ओर देखा जा रहा है, जिसमें यूपी सरकार पर 36359 करोड़ रुपयों का भार पड़ा। इसके तहत राज्य के 2.30 लाख किसानों में से 92.5 फीसदी किसानों के लोन माफ किए गए। सरकार ने इसके लिए किसान राहत बांड्स से पैसे जुटाए।
इससे पहले आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा था कि लोनमाफी जैसे कदम आने वाले समय में परेशानियां खड़ी कर सकते हैं। उर्जित के अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा कि इससे क्रेडिट डिसिप्लिन प्रभावित हो रहा है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार में नई सरकार आने के बाद बड़े पैमाने पर किसानों के लोन माफ किए गए थे। इसके अलावा पंजाब, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के किसान भी लोनमाफी की मांग कर रहे हैं।