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'दुखी आडवाणी बोले- मन कर रहा है इस्तीफा दे दूं'

Thu, 15 Dec 2016 08:56 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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आडवाणी
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संसद के शीतकालीन सत्र के समाप्त होने से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को भी स्थगन की घोषणा होते ही वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी का दर्द छलक पड़ा। सत्र के हंगामे की भेंट चढ़ने के कारण हुई पीड़ा को जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, ‘मन करता है इस्तीफा ही दे दूं।’ 
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सरकार तथा विपक्ष के बीच संसद की कार्यवाही बाधित करने को लेकर चल रह आरोप-प्रत्यारोपों के बीच लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने पूरे दिन के लिए संसद स्थगित करने की घोषणा की। आडवाणी इसके बाद भी सामने की सीट पर बैठे रहे और सबसे पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से अपनी व्यथा व्यक्त की। इसके बाद उन्होंने पास में खड़े गृहमंत्री राजनाथ सिंह को यह बात बताई। राजनाथ सिंह वरिष्ठ नेता की बात ध्यान से चुपचाप सुनते रहे। 
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'कार्यवाही सुनिश्चित कराने तथा नोटबंदी पर बहस कराने का संदेश दें'

इद्रीस अली
आडवाणी गृहमंत्री को यह कहते हुए पाए गए कि वह लोकसभा अध्यक्ष को शुक्रवार को सदन की कार्यवाही सुनिश्चित कराने तथा नोटबंदी पर बहस कराने का संदेश दें। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के सांसद इदरिस अली और नाना पटोले समेत भाजपा के दो सांसदों को कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ और संसद बिना बहस के स्थगित हो गई तो इसे संसद का पूरी तरह से धुल जाना माना जाएगा। वह यह कहते हुए भी पाए गए कि आज भी विपक्ष विशेषकर कांगेस के साथ बातचीत होनी चाहिए ताकि अगले दिन सदन में बहस सुनिश्चित हो सके।

बिना बहस के संसद के स्थगित होने को संसद की हार बताते हुए आडवाणी ने जोर देकर कहा कि चाहे किसी भी नियम के तहत हो पर बहस होनी चाहिए और इसे कोई भी अपनी जीत या हार न माने। इससे पहले 7 दिसंबर को भी संसद के स्थगन पर नाराजगी जताते हुए वरिष्ठ सांसद ने कहा था कि न तो अध्यक्ष और न ही संसदीय मामलों के मंत्री सदन को चला पा रहे हैं।
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