फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाराजगी जताने के महज 24 घंटे बाद पिघले आडवाणी, लोकसभा स्पीकर से की मुलाकात

Thu, 08 Dec 2016 08:26 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
नोटबंदी पर शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन से जारी हंगामे पर बुधवार को गहरी नाराजगी जाहिर करने वाले भाजपा के वरिष्ठतम सांसद लालकृष्ण आडवाणी ने बृहस्पतिवार को स्पीकर सुमित्रा महाजन से मुलाकात कर सफाई दी। सबके सामने स्पीकर, संसदीय कार्य मंत्री और विपक्ष पर नाराजगी जताने वाले आडवाणी ने महाजन से कहा कि उनकी नाराजगी आसन के खिलाफ नहीं बल्कि हंगामे के खिलाफ थी। 
विज्ञापन


उन्होंने हंगामा करने वाले सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसी बीच भाजपा के ही एक अन्य वरिष्ठï सांसद शांता कुमार ने भी स्पीकर को पत्र लिख कर आडवाणी की ही तर्ज पर हंगामे करने वाले सांसदों के वेतन-भत्ते में कटौती की मांग की।

बृहस्पतिवार को स्पीकर ने भी हंगामा करने वाले सांसदों को कई बार चेतावनी दी। गौरतलब है रकि आडवाणी की ओर से निशाना साधे जाने के बाद बुधवार को स्पीकर कार्यालय ने उनके आरोपों को गलत करार दिया था। खुद स्पीकर आडवाणी के आरोपों से बेहद आहत थीं।
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

'नाराजगी जताने की बात बिल्कुल गलत है'

सूत्रों ने बताया कि आडवाणी ने स्पीकर से कहा कि मीडिया रिपोर्ट जिसमें उनके हवाले से स्पीकर से नाराजगी जताने की बात कही गई है, बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि उनकी नाराजगी हंगामा करने वाले सांसदों के खिलाफ थी। इस दौरान आडवाणी ने स्पीकर से हंगामा करने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। बृहस्पतिवार को ही पार्टी के एक अन्य वरिष्ठï सांसद शांता कुमार ने भी सदन में हंगामे पर नाराजगी जाहिर की।

उन्होंने स्पीकर को पत्र लिख कर कहा कि हंगामे के कारण सदन की प्रतिष्ठा को आंच आ रही है। जनहित के अन्य जरूरी मुद्दों पर चर्चा और बहस नहीं हो रही। ऐसे में हंगामा करने वाले सांसदों का वेतन-भत्ता रोक लिया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि बुधवार को शून्यकाल के दौरान हंगामे-नारेबाजी के बीच जैसे ही स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की, आडवाणी आपा खो बैठे थे। उन्होंने कहा था कि स्पीकर और संसदीय कार्य मंत्री सदन नहीं चला पा रहे। ऐसा में स्पीकर से मिल कर और सार्वजनिक तौर पर भी कहूंगा। इसी दौरान उन्होंने गुस्से में यह भी कहा था कि सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए क्यों नहीं स्थगित की जा रही?
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें