नोटबंदी के मुद्दे पर संसद की कार्यवाही मंगलवार को भी लगातार बाधित रही। सबसे ज्यादा विकट स्थिति राज्यसभा में बनी हुई है जहां विपक्ष लगातार प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर अड़ा हुआ है और इससे कम पर वह किसी हाल में मानने को तैयार नहीं है, जबकि सरकार का दावा है कि वह चर्चा के लिए तैयार है लेकिन नियमों के तहत।
लगातार चल रहे हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे तक फिर ढाई बजे तक और फिर पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं इससे पूर्व संसदीय कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सरकार इस मामले में हर तरह से चर्चा चाहती है लेकिन वह सामान्य नियमों के तहत ही हो।
जबकि विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार बिना वजह जिद पर अड़ी हुई है। सरकार को विपक्ष की भावनाओं का भी ख्याल रखना चाहिए।
दूसरी ओर लोकसभा में भी सरकार को विपक्ष के कड़े तेवरों का सामना करना पड़ा। यहां भी कई बार लोकसभा की कार्यवाही ठप होने के बाद पूरे दिन के लिए सदन को स्थगित करना पड़ा। सदन में मचे घमासान से लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महा जन भी दुखी नजर आईं। कहा मेरी कोशिश रहती है कि प्रश्न प्रहर चलाऊं, मेरी इच्छा है सदन चलना चाहिए।