मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल को इस्तीफा देने के बाद कहा कि पीडीपी ने बड़े मकसद के लिए भाजपा से मिलकर सरकार बनाई थी। ये गठबंधन सत्ता के लिए नहीं था। महबूबा ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने रिस्क लेते हुए बड़े विजन के साथ गठबंधन किया। विकास का एजेंडा बढ़ाने, पाकिस्तान से बातचीत करने, राज्य के सभी दलों व लोगों से बातचीत कर कश्मीर में शांति बहाली के लिए गठबंधन किया।
प्रेस वार्ता में महबूबा बोलीं- जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के साथ चार साल तक किसी भी प्रकार का छेड़छाड़ नहीं होने दिया गया। 35 ए का मुद्दा भी उठाया गया और उसे सुप्रीम कोर्ट तक ले जाया गया। वहां भी जम्मू कश्मीर के लोगों का पक्ष रखा गया। कई लोगों में भ्रांतियां थीं कि राज्य टूटेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विकास के लिए विशेष पैकेज पाने, रमजान में सीजफायर कराने में पीडीपी सफल रही।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से बातचीत के द्वार खोलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं लाहौर पहुंचे और बातचीत की अपील की। विकास कार्यों में भी तेजी आई। जम्मू में भाजपा और कश्मीर में पीडीपी को बहुमत मिला। जम्मू-कश्मीर के लोगों की अपेक्षाओं को बरकरार रखने के लिए गठबंधन किया गया था। पीडीपी ने जम्मू और कश्मीर को एकजुट रखने में अहम भूमिका निभाई है। इससे पहले महबूबा ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चार बजे बैठक बुलाई और इसके बाद शा पांच बजे सार्वजनिक तौर पर इस्तीफे की घोषणा की।
महबूबा ने कहा कि पीडीपी का हीलिंग टच का एजेंडा रहा है। पाकिस्तान से और अंदर के लोगों से बातचीत होनी चाहिए। पीडीपी ने सुलह प्रक्रिया की पूरी कोशिश की। आगे भी बातचीत और सुलह प्रक्रिया की कोशिश जारी रहेगी। भाजपा के सत्ता में आने के बाद अल्पसंख्यकों में थोड़ा भय पैदा हुआ था। रसाना मामले को हल कर इस आशंका को दूर किया गया। पीडीपी कार्यकर्ताओं ने भरपूर सहयोग दिया।
अब और किसी से मिलकर सरकार नहीं बनाएंगे: महबूबा
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के बाद घोषणा की है कि वह किसी भी अन्य पार्टी के साथ मिलकर गठबंधन सरकार नहीं बनाएंगी। तीन साल में जम्मू-कश्मीर की अलग पहचान बरकरार रखने के लिए पीडीपी ने कोई कसर नहीं छोड़ी। बाहुबल की नीति से कश्मीर समस्या का हल नहीं हो सकता है। बाहुबल से नहीं, प्यार से शांति बहाल हो सकती है।
राजनीति में कुछ भी हो सकता है
पीडीपी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरताज मदनी ने कहा कि राजनीति में कुछ भी हो सकता है। सरकार गिरती है और बनती है। अब भाजपा वालों ने सरकार से समर्र्थन से वापस लिया है तो भाजपा ही वजह बता सकती है।