प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कांग्रेस-नीत पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे गरीबी उन्मूलन को लेकर ‘गंभीर नहीं’ थे और उनका एकमात्र लक्ष्य ‘एक परिवार विशेष के नाम’ को बढ़ावा देना था।
विभिन्न जन-कल्याणकारी कार्यों का शिलान्यास करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने अपनी और पूर्ववर्ती सरकार के बीच के फर्क उजागर करने की कोशिश करते हुए कहा कि मौजूदा राजग सरकार विकास और कल्याणकारी परियोजनाओं पर ‘तेजी से काम कर रही है।’
यह रेखांकित करते हुए कि महाराष्ट्र ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए कई सुधार किए हैं, मोदी ने राजनीतिक हितों के लिए समुदायों को बांटने वाली ताकतों को हराने का आह्वान किया।
नेहरू-गांधी परिवार पर चुटकी लेते हुए मोदी ने कहा, ‘पिछले चार वर्षों में, सरकार ने झुग्गियों में रहने वाले गरीबों को उचित आवास मुहैया कराने के लिए गंभीर प्रयास किए हैं।’
उन्होंने कहा, ‘प्रयास अतीत में भी हुआ था। लेकिन दुर्भाग्यवश, उनका लक्ष्य गरीबों को छत मुहैया कराने की जगह एक परिवार विशेष के नाम को बढ़ावा देना था। उनका लक्ष्य वोट-बैंक बनाना था।’
उन्होंने कहा, ‘हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि 2022 में जब भारत अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा हो उस वक्त तक कोई बेघर ना रहे। हम गरीबों की बेहतरी के लिए गंभीर प्रयास कर रहे हैं।’ मोदी ने कहा कि मौजूदा सरकार का लक्ष्य सिर्फ गरीबों का कल्याण है। ‘इसी कारण गरीबी उन्मूलन के काम में तेजी लायी गई है।’
मोदी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने अंतिम चार साल में गरीबों के लिए सिर्फ 25 लाख मकान बनाए जबकि उनकी सरकार ने इसी अवधि में 1.25 करोड़ मकान बनाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर पिछली सरकार सत्ता में होती तो सवा करोड़ मकान बनाने में 20 साल लगे होते।
मोदी ने केन्द्र सरकार की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में भी बातचीत की और कम वर्षा होने की पृष्ठभूमि में पानी की कमी से निपटने में महाराष्ट्र सरकार को मदद का आश्वासन दिया।