फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'सामाजिक आतंकवाद' है लिव इन रिलेशनशिप, लगनी चाहिए पाबंदी 

Sat, 19 Aug 2017 05:17 PM IST
amarujala.com, Presented by: मोहित
विज्ञापन
विज्ञापन
राजस्थान मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष प्रकाश टाटिया ने लिव इन रिलेशनशिप को 'सामाजिक आतंकवाद' करार दिया है। झारखंड हाईकोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस और राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व जज ने कहा कि 'यह कैसी आजादी है जिसमें समाज को बिना बताए किसी के साथ रहा जाता है इससे समाज कलंकित होता है।'
विज्ञापन


पढ़ें- लिव इन में रहने के 5 नुकसान, नहीं जानते तो अब जान लीजिए    

जयपुर के स्थानीय अखबार से बातचीत में उन्होंने बताया कि 'लिव-इन-रिलेशेन पर पाबंदी लगनी चाहिए जिसके लिए कानून की जरूरत है जैसे शादी के लिए रजिस्ट्रेशन को जरूरी किया गया है।'

पढ़ें- लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे प्रेमी जोड़े ने खाया जहर, युवक की मौत, युवती गंभीर

उन्होंने आगे कहा कि 'दो लोग साथ रहकर समाज की प्रतिषठा को दांव पर नहीं लगा सकते, शादी की तरह ही लिव-इन के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी होना चाहिए।'

गौरतलब है कि लिव-इन-रिलेशनशिप अक्सर विवादों में रहता है। यह एक अनूठा रिश्ता है जिसमे शादी की पुरानी मान्यता को दरकिनार करते हुए जोड़े साथ रहते है और ठीक उसी तरह से अपनी जिम्मेदारी एक दूसरे के लिए निभाते है जैसा शादी के बाद एक जोड़ा निभाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें