कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जब किसानों की कर्ज माफी का ऐलान किया था तो लगा था कि किसानों की आत्महत्या का सिलसिला थम जाएगा, लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा।
बता दें कि कर्नाटक सरकार ने किसानों का कुल 8,165 करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया था। हालांकि इस कर्ज माफी का फायदा उन लोगों को मिला, जिन्होंने कॉपरेटिव बैंकों से लोन लिया। सरकार ने 50,000 रुपये तक का लोन माफ करने का ऐलान किया है।
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इतने बड़े पैमाने पर किसानों की आत्महत्या ने बता दिया है कि राज्य स सरकार की कर्ज माफी फ्लॉप साबित हुई है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, बीते चार महीनों में 297 किसानों ने आत्महत्या की है। वहीं जुलाई महीने में प्रतिदिन तीन किसानों ने आत्महत्या की। कर्ज माफी की घोषणा के एक महीने के बाद ही 90 किसानों ने आत्महत्या कर चुके हैं।
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बता दें कि इससे पहले पंजाब, महाराष्ट्र और यूपी सरकार भी किसानों के कर्ज माफी का ऐलान कर चुकी है। वहीं मध्यप्रदेश और तमिलनाडु के किसान कर्ज माफी के लिए लंबे समय से मांग कर रहे हैं।