पश्चिम बंगाल में इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस ने कोलकाता के मैदान मेट्रो स्टेशन के अंदर विरोध प्रदर्शन किया।
बंद के दौरान पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में बारासात के चंपाडाली इलाके में एक स्कूल बस पर पथराव किया गया और हड़ताल समर्थकों ने एक सरकारी बस में भी तोड़फोड़ की। पश्चिम वर्द्धमान जिले के जमुरिया में प्रदर्शनकारियों ने एक बस में तोड़फोड़ की। राज्य के कुछ इलाकों में पुलिस और हड़ताल समर्थकों के बीच हाथापाई भी हुई। दक्षिण कोलकाता के जादवपुर इलाके में वरिष्ठ माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती के साथ कई अन्य हड़ताल समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
हड़ताल में शामिल ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) की महासचिव अमरजीत कौर ने पीटीआई से कहा कि , ‘‘असम, मेघालय, कर्नाटक, मणिपुर, बिहार, झारखंड, गोवा, राजस्थान, पंजाब , छत्तीसगढ़ और हरियाणा में- खास कर औद्योगिक इलाकों में हड़ताल का काफी असर दिख रहा है।’
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की दो दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। आज पहले दिन हरियाणा में इसका कोई असर नहीं दिखा। वहीं रोडवेज की बसें हर रोज की तरह रवाना हुई। लगभग सभी जिलों में रोडवेज यूनियनों ने हड़ताल से किनारा किया और प्रदेशभर में रोडवेज सेवा सुचारू रूप से चलती रही।
बंद के दौरान पश्चिम बंगाल में टीएमसी और सीपीएम कार्यकर्ताओं के बीच आसनसोल में झड़प हो गई है।
ओडिशा के भुवनेश्वर में व्यापार संघ द्वारा बुलाए गए राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर भारी विरोध प्रदर्शन के कारण यातायात की आवाजाही प्रभावित हो गई है।
दिल्ली में ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन के सदस्यों ने पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र में सार्वजनिक और सरकारी क्षेत्र के निजीकरण को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
कर्नाटक में भी बंद का असर देखने को मिला। वहीं पश्चिम बंगाल में सेंट्रल ट्रेड यूनियन ने भद्रक, खड़गपुर रेलवे सेक्शन में रूपसा, जलेश्वर और दातन में और हल्दिया रेलवे सेक्शन में रघुनाथबाड़ी में विरोध प्रदर्शन किया।
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में पुलिस ने सीपीएम के कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। यह सभी 48 घंटे के लिए बुलाई गई हड़ताल का समर्थन कर रहे थे।
बैंकों के विलय के विरोध में आठ और नौ जनवरी को प्रदेश में हजारों बैंक कर्मचारी हड़ताल करेंगे। कई बैंक यूनियनें हड़ताल के समर्थन में हैं। ऐसे में मंगलवार और बुधवार को कई बैंकों पर ताले लटक सकते हैं जबकि कई बैंकों में स्टाफ की कमी रहेगी। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कामकाज प्रभावित होगा।
ओडिशा में व्यापार संघ के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया और भुवनेश्वर में लोगों का रास्ता ब्लॉक कर दिया।
पश्चिम बंगाल में व्यापार संघ के सदस्यों ने हावड़ा रेलवे लाइन को ब्लॉक कर दिया। सभी न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं सहित अन्य की मांग कर रहे हैं। इसके लिए 48 घंटे के भारत बंद का आह्वन किया है।
असम के गुवाहाटी में न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं सहित अन्य की मांग करते हुए व्यापार संघ के कार्यकर्ताओं ने ट्रेन को रोक दिया।
केंद्रीय व्यापार संघ (सीटीयू) ने मंगलवार से केंद्र की भाजपा सरकार की जनविरोधी, मजदूर विरोधी और राष्ट्र विरोधी नीतियों के खिलाफ दो दिन की हड़ताल शुरू कर दी है। बहुत से सरकारी संगठनों जैसे- आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीआईटीयू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, सेवा, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी के अलावा अखिल भारतीय किसान सभा, आदिवासी सरकार राष्ट्रीय मंच, भूमी आदर्श आंदोलन ने 48 घंटे के भारत बंद को अपना समर्थन दिया है। आरएसएस समर्थित भारतीय मजदूर संघ इस हड़ताल में हिस्सा नहीं ले रही है। हड़ताल के कारण नई दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, कोलकाता, चेन्नई, पुणे, अहमदाबाद, हैदराबाद सहित अन्य टायर-2 शहरों और राज्यों के जनजीवन पर इसका असर पड़ेगा। बहुत से विश्वविद्यालयों ने भी इसे अपना समर्थन दिया है।