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नन्ही जिमनास्ट ने सुनाई दीपा करमाकर से जुड़ी अनसुनी कहानी

Sat, 27 Aug 2016 05:38 AM IST
प्रमोद कुमार ‘कादिर’/ अमर उजाला, आगरा
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दीपा कर्माकर के साथ नन्हीं जिमनास्ट
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‘खूब मेहनत करो, तुम भी आगे जाओगी। सफलता के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है यह हमेशा याद रखना।’ नन्हीं जिमनास्ट आयुशी इन दिनों बेहद खुश है। उसका उत्साह देखते ही बनता है। हो भी क्यों न आखिर उसकी ‘दीपा दीदी’ ने ओलंपिक में यादगार प्रदर्शन जो किया है।
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आयुशी कहती है एक दिन वह भी उनके जैसी जिमनास्ट बनेगी। करीब एक वर्ष पूर्व आगरा में इंडिया कैंप के दौरान ओलंपियन दीपा कर्माकर से हुई मुलाकात का एक-एक क्षण उसे याद है। वह कहती है कि कैंप के दौरान उसने दीदी से काफी कुछ सीखा।

11 वर्षीय जिमनास्ट आयुशी शर्मा बताती हैं कि बीते वर्ष 21 सितंबर से 19 अक्तूबर तक यहां आयोजित इंडिया कैंप के दौरान वह दीपा कर्माकर से मिली थी। अभ्यास के दौरान उनकी लगन और एकाग्रता देखने लायक थी। ‘दीपा दीदी’ ने उन्हें बताया कि कड़ी मेहनत ही सफलता का एक मात्र जरिया है।
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तुम भी मेहनत करो आगे बढ़ोगी। वे जितना प्रैक्टिस के दौरान गंभीर रहती थीं उतना ही अभ्यास खत्म करने के बाद रिलेक्स। जिमनास्टिक प्रशिक्षक अरविंद यादव बताते हैं कि दीपा कर्माकर कैंप के दौरान नन्हीं आयुशी से काफी घुलमिल गईं थीं। दोनों की खूब जमती थी।

हिम्मत नहीं हारतीं ‘दीपा दीदी’

- फोटो : getty
आयुशी बताती हैं कि ‘दीपा दीदी’ हिम्मत नहीं हारती हैं। जो ठान लिया उसे पूरा करके ही छोड़ती हैं। एक दिन अभ्यास के दौरान वाल्ट पर कई प्रयासों के बाद भी उनकी लैंडिंग सही नहीं हो रही थी। स्थिति यह हो गई कि एक बार तो उनके आंसू तक निकल आए। उनके कोच नंदी सर ने कहा चलो आज नहीं हो रहा कोई बात नहीं, कुछ और कर लो। यह कल फिर करना, लेकिन वह नहीं मानी और अगले ही प्रयास ने उन्होंने सब कुछ सही कर लिया। इसके बाद वह खुशी से उछल पड़ीं।

दीपा के लिए लकी है आगरा
ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन के जरिए पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन करने वाली दीपा कर्माकर के लिए आगरा लकी रहा है। रियो ओलंपिक से पहले 2015 में उन्होंने यहां इंडिया कैंप किया। वहीं, इससे पूर्व 2008 में स्कूली जिमनास्ट के रूप में नेशनल ग्रुप चैंपियन बनी थीं।

उनके कोच बिश्वेसर नंदी ने फोन पर बताया कि तब दीपा ने आगरा में अपने वर्ग में चार गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता था। सही मायने में दीपा की सफलता का सफर वहीं से शुरू हुआ था जो अनवरत जारी है। उन्होंने बताया कि वह 16 साल से दीपा को प्रशिक्षण दे रहे हैं। वह सात साल की थीं जब पहली बार मेरे पास आई थी।
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29 को मिलेगा खेल रत्न और द्रोणाचार्य अवार्ड

दीपा करमाकर - फोटो : getty
जिमनास्ट दीपा कर्माकर और उनके कोच बिश्वेसर नंदी के लिए इस बार खेल दिवस विशेष होगा। इस दिन नई दिल्ली में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी दीपा को राजीव गांधी खेल रत्न और कोच नंदी को द्रोणाचार्य अवार्ड से नवाजेंगे।

त्रिपुरा से दिल्ली जाने की तैयारियों में जुटे जिमनास्टिक बिश्वेसर नंदी ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि वह और दीपा दिल्ली जाने की तैयारियों में व्यस्त हैं। उन्हें राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में शामिल होना है।

यह भारत में जिमनास्टिक के लिए बेहद खास अवसर है। दीपा की सफलता से देश में इस खेल की लोकप्रियता और बढ़ेगी।
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