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India vs Bharat: श्रीलंका से थाईलैंड तक कई देश बदल चुके नाम, इतिहास से लेकर छवि तक से जुड़े हैं इनके तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 05 Sep 2023 06:30 PM IST

सार

India vs Bharat:  जी-20 समिट के लिए नौ सितंबर को होने वाले रात्रि भोज के लिए जो निमंत्रण पत्र राष्ट्रपति भवन की तरफ से भेजे गए हैं, उनमें आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले 'प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया' शब्द की जगह 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' का इस्तेमाल किया गया है।
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इन देशों ने अपने नाम बदले - फोटो : AMAR UJALA
इसी हफ्ते राजधानी दिल्ली में जी20 सम्मेलन होने जा रहा है। इसी कड़ी में सम्मेलन के रात्रिभोज कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र भी दिए गए हैं। हालांकि, अब में निमंत्रण पत्र में 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' लिखने पर राजनीति शुरू हो गई है। विपक्षी पार्टियां इसे लेकर सरकार पर निशाना साध रही हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर कहा कि केंद्र सरकार ने इंडिया का नाम बदल दिया है। 

इसके साथ ही दिग्गज फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन और पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग की एक्स पोस्ट्स से मामला और चर्चा में आ गया है। एक ओर जहां बिग बी ने भारत माता की जय लिखा तो सहवाग ने टीम इंडिया की जर्सी में भारत शब्द लिखने की मांग कर दी। इस चर्चा के बीच जानते हैं कि दुनिया में किन देशों के नाम बदल चुके हैं? इन देशों में नाम बदलने की वजह क्या थी? 
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इन देशों ने अपने नाम बदले - फोटो : AMAR UJALA
इसी हफ्ते राजधानी दिल्ली में जी20 सम्मेलन होने जा रहा है। इसी कड़ी में सम्मेलन के रात्रिभोज कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र भी दिए गए हैं। हालांकि, अब में निमंत्रण पत्र में 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' लिखने पर राजनीति शुरू हो गई है। विपक्षी पार्टियां इसे लेकर सरकार पर निशाना साध रही हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर कहा कि केंद्र सरकार ने इंडिया का नाम बदल दिया है। 

इसके साथ ही दिग्गज फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन और पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग की एक्स पोस्ट्स से मामला और चर्चा में आ गया है। एक ओर जहां बिग बी ने भारत माता की जय लिखा तो सहवाग ने टीम इंडिया की जर्सी में भारत शब्द लिखने की मांग कर दी। इस चर्चा के बीच जानते हैं कि दुनिया में किन देशों के नाम बदल चुके हैं? इन देशों में नाम बदलने की वजह क्या थी? 

'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' का इस्तेमाल - फोटो : SOCIAL MEDIA
दुनिया के कई देशों के नाम अलग-अलग कारण से बदले जाते रहे हैं। 1935 में पर्सिया का नाम ईरान पड़ा तो 1937 में आयरिश फ्री स्टेट का नाम बदलकर आयरलैंड कर दिया गया है। हालिया समय में तुर्की का नाम बदलने की चर्चा रही। जब उसने नाम बदलकर तुर्किये कर लिया। 


 

देश जिनका नाम बदला

कब बदला

पर्सिया से ईरान

1935

आयरिश फ्री स्टेट से आयरलैंड

1937

सियाम से थाइलैंड

1939

सिलोन से श्रीलंका

1972

अपर वोल्टा से बुर्किना फासो

1984

बर्मा से म्यांमार

1989

जर्मन दक्षिण-पश्चिम अफ्रीका से नामीबिया

1990

कम्पूचिया से कम्बोडिया

1993

केप वर्दे से रिपब्लिक ऑफ काबो वर्दे

2013

चेक रिपब्लिक से चेकिया

2016

स्वाजीलैंड से स्वातिनी

2018

मैसेडोनिया से नॉर्थ मैसेडोनिया

2019

हॉलैंड से नीदरलैंड्स

2020

अफगानिस्तान से इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान

2021

तुर्की से तुर्किये

2022

तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन - फोटो : सोशल मीडिया
पहले किन देशों के नाम बदले हैं? 
तुर्की से तुर्किये 

इस साल दो जून को संयुक्त राष्ट्र ने घोषणा की कि तुर्की नाम की जगह तुर्किये कहा जाएगा। पिछले साल दिसंबर में सरकार ने नाम परिवर्तन को लेकर एक ज्ञापन जारी किया था। तब राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने कहा था, 'तुर्किये तुर्की लोगों की संस्कृति, सभ्यता और मूल्यों का सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व और अभिव्यक्ति है।' 

श्रीलंका - फोटो : सोशल मीडिया
सिलोन से श्रीलंका
श्रीलंका को 1972 में अंग्रेजों से आजादी मिली। गुलामी के दौर में उसे सिलोन नाम मिला था। गुलामी की इस निशानी को मिटाने के लिए 1972 में ही सिलोन का नाम बदलकर श्रीलंका करने का निर्णय हुआ। हालांकि सरकारी दस्तावेजों से सिलोन नाम को पूरी तरह हटाने में 39 साल लग गए। लंका नाम का जिक्र पुराणों में भी मिलता है।  

ईरानी महिलाएं - फोटो : पीटीआई
पर्सिया से ईरान
ईरान को ऐतिहासिक रूप से पर्सिया के नाम से जाना जाता था। कई ऐतिहासिक दस्तावेजों और पौराणिक साक्ष्यों में पर्सिया का जिक्र मिलता है। कहा जाता है कि 550 ईस्वी में यूनान ने इस देश को फारस के रूप में जिक्र किया। इसके बाद यूरोपीय देशों में पर्सिया या फारस ही नाम रहा। 1935 में ईरानी सरकार ने पश्चिमी देशों से पर्सिया को आधिकारिक तौर पर ईरान नाम से संबोधित करने का अनुरोध किया। ईरान का मतलब है आर्यों की भूमि। 

नीदरलैंड्स - फोटो : सोशल मीडिया
हॉलैंड से नीदरलैंड्स 
नाम बदलने से पहले नीदरलैंड्स को हॉलैंड के नाम से जाना जाता था। हालांकि जनवरी 2020 में देश का नाम हॉलैंड से नीदरलैंड्स कर दिया गया। उस वक्त सरकार ने कहा कि के इस नाम का उपयोग प्रचार उद्देश्यों के लिए किया जाएगा, क्योंकि देश अन्य यूरोपीय राष्ट्रों की तरह काफी लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। सरकार ने इस बदलाव का एक कारण नीदरलैंड को एक खुले, आविष्कारशील और समावेशी देश के रूप में प्रस्तुत करना बताया।

हालांकि, कहा यह भी जाता है कि डच सरकार ने हॉलैंड नाम को हटाना अपनी छवि को भी बदलने का प्रयास था। कथित तौर पर देश की राजधानी एम्स्टर्डम में मनोरंजक नशीली दवाओं के उपयोग और कानूनी वेश्यावृत्ति के चलते देश की छवि अच्छी नहीं रही है। 

म्यांमार का राष्ट्रीय ध्वज - फोटो : सोशल मीडिया
बर्मा से म्यांमार 
1989 में देश की सत्ता पर काबिज सैन्य सरकार ने बर्मा नाम को बदलने का फैसला किया था। तब म्यांमार को संरक्षित करने के प्रयास में नाम को बर्मा से बदलकर म्यांमार करने का निर्णय लिया गया था। हालांकि, सभी लोग इस फैसले से सहमत नहीं थे। इस कारण से दुनिया के कुछ हिस्से अभी भी इस एशियाई देश को बर्मा ही कहते हैं। उस वक्त का सैन्य शासन के मुताबिक बर्मा अंग्रेजों का दिया नाम था, जो गुलामी का प्रतीक था इसलिए इसे बदला गया।

Thailand flag - फोटो : social media
सियाम से थाईलैंड 
सियाम का नाम थाईलैंड दशकों पहले हो चुका था। इसकी स्थापना 1939 में एक तानाशाह द्वारा की गई थी। स्थानीय भाषा में इसका उच्चारण प्रथेट थाई किया जाता है, जिसका मतलब है मुक्त भूमि।

जर्मन दक्षिण पश्चिम अफ्रीका से नामीबिया 
मौजूदा नाम 1968 में संयुक्त राष्ट्र ने तय किया था। लेकिन जब तक देश जर्मनी और दक्षिण अफ्रीका से स्वतंत्र नहीं हो गया, तब तक आधिकारिक तौर पर इसका नाम नामीबिया ही था। नया नामकरण 1990 में किया गया था। 

आयरिश फ्री स्टेट से आयरलैंड 
1937 में यूनाइटेड किंगडम से सभी संबंधों को हटाने के इरादे से आयरिश आयरिश फ्री स्टेट स्थानीय आयरिश भाषा में आयरलैंड बन गया।
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